परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं : लक्ष्मण
परोपकारसे बड़ा कोई धर्म या कर्म नहीं है। मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और बाबा अघोरेश्वर ने इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाया है। मानव जीवन में कोई कुछ लेकर नहीं जाता है। उसके साथ जाता है तो केवल उसके अच्छे कर्म यह बात रविवार को आईजी लक्ष्मण प्रसाद सिंह ने कहीं। वह आज जयप्रकाश नगर स्थित सर्वेश्वरी समूह के 54 वें स्थापना दिवस को संबोधित कर रहे थे। सांसद पशुपति नाथ सिंह ने कहा कि हिन्दू धर्म का जो मूल दर्शन है, उसी मूल सिद्धांत को बाबा ने धरातल पर उतारा और उस सिद्धांत को जन- जन तक पहुंचाने के लिए सर्वेश्वरी समूह की स्थापना की। बाबा दिन दुखियों की सेवा को सबसे बड़ा धर्म मानते थे। दलितों और अबला की रक्षा उनकी सेवा सबसे बड़ा धर्म है। समारोह को राज सिन्हा, डिप्टी मेयर नीरज सिंह ने संबोधित किया।
इस मौके पर डॉ आरएल सिंह, आर के पांडेय, अशोक मेहता, प्रदीप सिंह समेत कई अन्य मौजूद थे।
प्रभात फेरी से हुई शुरूआत
स्थापना दिवस समारोह की शुरूआत सुबह प्रभात फेरी से की गई। काफी संख्या में बच्चे और बड़े इसमें शामिल थे। प्रभात फेरी आश्रम से शुरू हुई। आस पास के क्षेत्रों का भ्रमण कर फेरी वापस आश्रम लौटी। उसके बाद विधिवत पूजा अर्चना की गई। उसके बाद बाबा के शिष्यों ने भजन कीर्तन प्रस्तुत किया। उसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। काफी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
सर्वेश्वरी समूह के स्थापना दिवस के मौके पर मौजूद लोग।