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मां ने कहा-तुम मेरे बेटे, बच्चे ने कहा-तुम मेरी मां नहीं
दोसाल से लापता बच्चे को फिर कलेजे से लगाने की लालसा में गुरुवार की सुबह कोडरमा से आई मां की उम्मीदों पर उस समय पानी फिर गया, जब बच्चे ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया। रणधीर वर्मा स्थित चाइल्ड वेलफेयर कार्यालय में एक मां अपने लापता बच्चे की तलाश में आई। कार्यालय में पटना से बरामद एक 8 वर्षीय बच्चे को लाया गया था। बच्चे को देखते ही मां की ममता छलक उठी और उसने बच्चे को अपने गोद में ले लिया। लेकिन बच्चा उसका नहीं था। मां ने बेटा कह कर उसे गले से लगाया। बच्चा हैरान हुआ और थोड़ी देर के बाद कहा- तुम मेरी मां नहीं हो।
^बच्चे के बताए पते पर उनके अभिभावक की खोज की जा रही है। स्थानीय अखबारों में भी इसकी तस्वीर प्रकाशित कराई है ताकि खोजबीन में मदद मिले। तस्वीर देखकर कोडरमा के एक दंपति ने इसे अपना बच्चा समझा और वे यहां गए। -नीतासिन्हा, अध्यक्ष,चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, धनबाद।
16 दिसंबर 2013 को झरिया के मुन्ना रवानी का सात वर्षीय पुत्र नीतीश डांट पड़ने पर घर से बाहर निकल कर बैठ गया था। उसके बाद एक अनजान व्यक्ति उसे बहला-फुसला कर पटना ले गया। पकड़े जाने के भय से स्टेशन पर बच्चे को छोड़ फरार हो गया। बच्चे को जीआरपी ने बरामद किया और पटना चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंप दिया। पूछताछ में बच्चे ने अपना घर झरिया बताया। उसके बाद उसे धनबाद की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के हवाले कर दिया।
कोडरमा निवासी सुनीता देवी का आठ वर्षीय बच्चा भी दो वर्ष पूर्व कोलकाता से लापता हो गया था। वहां वह अपने रिश्तेदार के घर गया था। उसी दौरान वह वहां से रहस्यमय ढंग से लापता हो गया था। पटना से बरामद बच्चे की तस्वीर अखबारों में छपी देख सुनीता को लगा कि वह उसका वही बच्चा है, जो दो वर्ष पूर्व लापता हो गया था। वह भागी-भागी धनबाद पहुंची, लेकिन बच्चे ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया।
बच्चे की तसवीर देख अपना बेटा समझ पहुंची महिला
नीतीश को बहलाकर पटना ले गया था एक व्यक्ति
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के कार्यालय में बच्चा और कोडरमा से आई महिला।