शायर निदा फाजमी को जलेस की श्रद्घांजलि
झरिया|मानवीय संवेदनाओंसे लबरेज और कबीर सा तेवर रखने वाले उर्दू अदब का शायर निदा फाजमी के निधन के खबर से धनबाद कोयलांचल के शायर, कवियों और लेखकों में शोक की लहर छा गयी। जिंदगी इंतजार जैसी है, दूर तक रह गुजर जैसी है, घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूं कर ले किसी रोते हुए बच्चों को हंसाया जाये जैसी पंक्तियों के रचयिता निदा फाजमी के निधन से उर्दू हिन्दी अदब को भारी क्षति हुई है। मंगलवार को जनवादी लेखक संघ की शोक संवेदना श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।