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धनबाद में कोयले के धंधे में उतरेगा कुख्यात बिंदु सिंह

7 वर्ष पहले
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धनबाद। कुख्यात बिंदु सिंह अब धनबाद में कोयले का धंधा करेगा। वह डीओ में पैसा लगाएगा और मुनाफा कमाएगा। यह बात बिंदु सिंह ने सोमवार को उस समय कही, जब डॉ अजय पांड्या रंगदारी मामले में अदालत में पेश कराने के बाद पुलिस उसे वापस धनबाद जेल ले जा रही थी। उसने मीडिया से कहा कि धनबाद में कोयले का धंधा चोखा है। उसे मालूम चला है कि यह धंधा बहुत मुनाफा देता है। धनबाद जेल में भी कई लोग ऐसे मिले, जो कोयले का धंधा करने की सलाह दे रहे हैं। वहीं बिंदु ने चुनावी मैदान में उतरने की भी बात कही। उसने कहा कि मायावती की पार्टी के कई नेता उनके संपर्क में हैं।
जेल में भी कई नेता उनसे मिले और टिकट दिलवाने की बात कही। हालांकि बिंदु ने यह नहीं बताया कि वह किस सीट से चुनाव लड़ने को ख्वाहिशमंद हैं। बिंदु ने भी जोड़ा कि वह जो करता है, डंके की चोट पर करता है। बिहारीलाल चौधरी हत्याकांड समेत धनबाद में हुए जिन मामलों में उसे आरोपी बनाया गया है, उसमें वह शामिल नहीं था। अगर मेरे किसी आदमी ने यह काम किया, तो इसमें मैं क्या कर सकता हूं। चौधरी हत्याकांड में नौ लोगों का आरोपी बनाया गया। एक आदमी को मारने के लिए नौ आदमी की जरूरत नहीं पड़ती। एक ही काफी था।
जेल में रहते हुए ही धनबाद में कई वारदातों को दिया अंजाम
धनबादपुलिस की माने तो पटना की बेऊर जेल में रहने के दौरान ही बिंदु के खिलाफ धनबाद में नौ कांड अंकित हुए। वस्त्र व्यापारी बिहारीलाल चौधरी हत्याकांड के अलावा फिजिशियन डॉ बीके ठाकुर, सर्जन डॉ एसके कर्ण, डॉ डी चक्रवर्ती, हड्डी रोड विशेषज्ञ डॉ अजय पांड्या, उद्योगपति कमल दुदानी, कैटरर द्वारिका तिवारी और ठेकेदार विजय शर्मा से रंगदारी मांगने और धमकाने के केस जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
डॉक्टर रंगदारी कांड में चार्जफ्रेम
सिंदरीके डाक्टर अजय पांड्या से रंगदारी मागने के मामले में बिंदु सिंह के खिलाफ न्यायिक दंडाधिकारी विश्वनाथ उरांव की अदालत में सोमवार को धारा 387, 120बी में आरोप तय हुआ। अदालत ने गवाही के लिए 25 सितंबर की तिथि मुकर्रर की। डॉ पांडया के बयान पर सिंदरी थाना में बिंदु सिंह के खिलाफ चार लाख रुपए रंगदारी को लेकर 31 जनवरी 2009 कोप्राथमिकी दर्ज हुई थी। डॉ पांडया ने पुलिस में बयान दिया था कि 29 जनवरी 2009 को मोबाइल नंबर 9608445570 से फोन आया था। फोन करने वाला अपना नाम बिंदु सिंह बता रहा था। फोन पर चार लाख रुपए की मदद मांगी थी। कहा कि मदद नहीं करोगे तो टैक्स दस लाख रुपए हो जाएगा। बिंदु के खिलाफ एसआई अनिल कुमार कर्ण ने 6 अप्रैल 2009 को चार्जशीट दी थी।
फौजी से अपराध की दुनिया में रखा कदम
बिंदुसिंह फौजी था। परिजनों की हत्या हुई तो 1982 में उसने फौज छोड़ दी और अपराध की दुनिया में कदम रखा। जहानाबाद के मखदुमपुर थाना क्षेत्र के अमरपुर गांव के निवासी किसान भरत सिंह का बेटा बिंदु कम समय में ही अपना कारस्तानी से पुलिस की आंखों की किरकिरी बन गया था। 1990 में पहली बार उसकी गिरफ्तारी हुई थी। 1995 में जब जेल से निकला तो पुलिस फाइल उनकी करतूत से मोटी होती चली गई। बाद में बिंदु ने जहानाबाद छोड़ पटना को अपना ठिकाना बनाया। वहां प्रो कृष्णचंद्र सिन्हा, प्रो शैलेंद्रधारी सिंह, डॉ एपी साहा, एसपी सिंह की हत्याओं में बिंदु नामजद हुआ। फिर गिरफ्तारी हुई तो जेल से ही हुकूमत चलाने लगा।
बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की भी तैयारी कर रहा ।
बिहारीलाल चौधरी हत्याकांड समेत कई कांडों का है आरोपी।
(पेशी के दौरान अदालत परिसर में बिंदु सिंह।)