घंटेभर में हटा दिया 58 साल का अतिक्रमण
स्वतंत्रता सेनानी की दुकान नहीं हटी
> दुकानदारों को दिया गया था अल्टीमेटम
भास्करन्यूज | धनबाद
पुरानाबाजार रेलवे फाटक से 58 साल बाद 50 दुकानों को हटा दिया गया। जिला प्रशासन और रेलवे ने आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस के सहयोग से सोमवार को रेलवे की जमीन पर से अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई की। दुकानें वर्ष 1956 से वहां थीं। दुकानदारों को पहले अल्टीमेटम दे दिया गया था, जिसके कारण कोई विरोध नहीं हुआ। दिन के 11 बजे से 12 बजे के बीच दुकानों को हटाया गया। मलवा हटा कर दोपहर दो बजे के बाद सड़क बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया। सड़क 20 फीट चौड़ी होगी, ताकि साउथ साइड स्टेशन भवन जाने वाले यात्रियों को दिक्कत हो। अब तक लोग वाहन से स्टेशन तक नहीं पहुंच पाते थे। इस वजह से वहां चहल-पहल नहीं रहती और टिकट सेल भी काफी कम था। रेलवे की यह महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर उतरने के बाद भी सफल नहीं दिख रही थी। पुराना बाजार, जोड़ाफाटक, गांधी नगर, मनईटांड़ और बैंकमोड़ आदि के लोग श्रमिक चौक होकर स्टेशन जाते हैं। इस कारण पुराने स्टेशन भवन के सामने हमेशा जाम लगा रहता है। जाम से मुक्ति और शहर के बड़े भाग के यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने साउथ साइड स्टेशन भवन बनाया और आठ नंबर प्लेटफॉर्म का निर्माण कराया।
जिला प्रशासन से बात करनी चाहिए
धनबादके विकास के लिए अतिक्रमण हटाया गया है। दक्षिण क्षेत्र का इलाका अतिक्रमण मुक्त हो गया। जिला प्रशासन, जिला पुलिस और जीआरपी ने काफी सहयोग किया। जिनकी दुकानें हटाई गई हैं, उन्हें स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत जगह के लिए जिला प्रशासन से बात करनी चाहिए। डॉएएन झा, वरीयकमांडें, आरपीएफ
विरोध के कारण नहीं हटीं बाकी दुकानें
रेलवेफाटक के दक्षिण और पूर्वी छोर की दुकानों को तो हटा दिया गया, पर उत्तर दिशा की दुकानें नहीं हटाई जा सकीं। जब रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी दुकानें हटाने वहां पहुंचे, तो एक दर्जन दुकानदारों ने विरोध किया। उनका कहना था कि रेलवे ने दुकानें हटाने के लिए नोटिस नहीं दिया है। पहले नोटिस दे, दुकानें हटा ली जाएंगी। दुकानदारों के तेवर देख अधिकारी बैक फुट पर गए।
सर, दुर्गापूजा बाद दुकान हटाइए
जबरेलवे के अधिकारी और मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ रेलवे फाटक पहुंचे, तो दुकानदारों ने कहा कि दुर्गापूजा के बाद दुकानें हटाएं। उनका कहना था कि ईद और