धनबाद। प्रखंड कार्यालय में लगाए गए आधार कैंप में सात दिनों से पंजीयन ठप है। इसका कारण बिजली उपलब्ध नहीं होना बताया जा रहा है। वहीं, बीडीओ मैडम के बंद कमरे में भी बत्ती जलती रहती है। प्रखंड कार्यालय के अन्य कमरों में भी एक व्यक्ति के लिए तीन-तीन पंखे चलते रहते हैं। आधार कार्ड के लिए पंजीयन कराने सोमवार को प्रखंड कार्यालय परिसर पहुंचीं दर्जनों छात्राओं ने इस स्थिति विरोध जताते हुए हंगामा किया। छात्राओं ने बताया कि वे लगातार चार दिनों से पढ़ाई छोड़कर आधार के पंजीयन के लिए रही हैं। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक प्रखंड कार्यालय में रुके रहने के बावजूद उनका पंजीयन नहीं हो रहा। पूछने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी बताते हैं कि बिजली ही नहीं है, जबकि परिसर के तमाम कमरों में बिजली का दुरुपयोग किया जा रहा है।
फिर भी नहीं मिलती बिजली
" प्रखंड कार्यालय में लग कैंप के कर्मी ने बिजली नहीं होने की शिकायत नहीं की है। फिर भी वहां सप्लाई की बिजली के अलावा वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। पैसे मांगे जाने की भी शिकायत नहीं मिली है।"अमित कुमार,डीपीओ,यूआईडी, धनबाद
इन क्षेत्रों से पहुंच रहे हैं
प्रखंड कार्यालय के कैंप में आधार पंजीयन के लिए डुमराटांड़, सुगियाडीह, सरायढेला, बरमसिया, गांधीनगर, वासेपुर आदि इलाकों से हर दिन सैकड़ों लोग पहुंचते हैं।
उनमें से ज्यादातर की शिकायत है कि चार दिनों से चक्कर लगाने के बावजूद उनका पंजीयन नहीं हो सका।
सोमवार को सिर्फ एक व्यक्ति का पंजीयन
प्रखंडकार्यालय कैंप में सोमवार को सिर्फ एक व्यक्ति का ही आधार पंजीयन हो पाया। को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए पार्थ धीवर ने बताया कि सुबह से ही बिजली नहीं थी। लैपटॉप में उपलब्ध बैकअप से सिर्फ एक व्यक्ति का ही पंजीयन हो पाया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बिजली की स्थिति काफी खराब है।
पैसे देने वालों का हो जाता है पंजीयन
छात्राओंने बताया कि वे पिछले चार दिनों से सुबह 10 से शाम 4 बजे तक प्रखंड कार्यालय में ही रही हैं। इसके बाद भी पंजीयन के लिए उनका नंबर अभी तक नहीं आया। हर शाम निराश होकर घर लौटती हैं, पर अगली सुबह भी उनका नंबर सबसे पीछे ही होता है। हालांकि उनके बाद आने वाले लोग 20-30 रुपए देकर पंजीयन करा कर चले जाते हैं। छात्राओं ने कहा कि जितनी देर बिजली रहती है, उतनी देर तक पैसे देनेवालों का पंजीयन किया जाता है।
छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप
जो पैसे नहीं देते, उन्हें बिजली नहीं होने का बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है।
धनबाद प्रखंड कार्यालय में बिजली कटने के अलावा तीन वैकल्पिक माध्यम हैं।
- सोलर लाइट, जनरेटर और इन्वर्टर। कार्यालय में जरूरत के अनुसार इन तीनों माध्यमों से बिजली का इस्तेमाल किया जाता है। जबकि आधार पंजीयन कैंप को एक लैपटॉप चलाने के लिए भी बिजली उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
बिजली नहीं होने से प्रखंड कार्यालय कैंप में सात दिनों से आधार कार्ड का पंजीयन ठप, अन्य कमरों में हो रहा बिजली का दुरुपयोग
(आधार कार्ड बनाने की मांग को लेकर धनबाद प्रखंड कार्यालय में हंगामा करते छात्र-छात्राएं।)