जागरूकता जरूरी : डीसी
आपदाप्रबंधन के प्रति लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए तीनदिनी कार्यशाला शहर के न्यू टाउन हॉल में मंगलवार से शुरू हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त प्रशांत कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया। उन्होंने कहा कि आज के दिन में आपदा प्रबंधन बेहद जरूरी है। सुदृढ़ प्रबंधन के सहारे हम किसी भी आपदा का सामना कर सकते हैं। वहीं स्वागत भाषण के दौरान उपसचिव आपदा प्रबंधन एके झा ने आपदाओं के प्रकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने झारखंड सरकार की ओर से आपदा से निपटने के लिए की जा रही कोशिशों के बारे में लोगों को बताया।
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ कर्नल संजय श्रीवास्तव ने बताया कि मैथन डैम में बाढ़ की आशंका हो या खनन आपदा हो या फिर सुखाड़ की स्थिति, सभी को हम आपदा प्रबंधन के समुचित तैयारी से रोक सकते हैं। जिला आपदा प्रबंधन समिति या राज्य आपदा समितियां ही नहीं, आमजनों की सहायता से भी हम आपदा को रोक सकते हैं। आपदा रोकने के लिए बेहद जरूरी है कि हम अधिक-से-अधिक पौधे लगाएं। हर नागरिक का दायित्व होना चाहिए कि वह प्रकृति के साथ खिलवाड़ करे।
सामूहिक प्रयास से भी रोकी जा सकती है आपदा
आईएसएम के प्रोफेसर विश्वजीत कौल ने कहा कि पानी की कमी विश्व के लिए समस्या बनती जा रही है। इस क्षेत्र में भी आपदा प्रबंधन की जरूरत है। एनडीआरएफ कोलकाता के डिप्टी डायरेक्टर अजय सिंह ने आपदा प्रबंधन के कई स्किल के बारे में वर्कशॉप में जानकारी दी।
पानी को बचाना भी आपदा प्रबंधन का काम