शहरके बैंक मोड़ स्
नया बाजार सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की स्थापना वर्ष 1949 में स्व. एस बनर्जी और स्व. भगवान दास साव ने की थी। तब ये यहां लगातार पूजा का आयोजन किया जा रहा है। शुरू में नया बाजार की क्लिनी लैब के पास आयोजन हुआ, पर दो वर्ष के बाद बिहारी लाल गुटगुटिया म्यूनिसिपैलिटी के चेयरमैन बने, तो उन्होंने पूजा बैंक मोड़ में करानी शुरू कर दी। वर्ष 1951 से लगातार नगर निगम कार्यालय परिसर में ही पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
शहरके बैंक मोड़ स्थित नगर निगम कार्यालय परिसर में नया बाजार सार्वजनिक दुर्गोत्सव कमेटी ने इस साल के आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार यहां मदुरई के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की अनुकृति वाला पंडाल बनाया जा रहा है। पंडाल बनाने की जिम्मेवारी भूली के डेकोरेटर को सौंपी गई है। प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार सुरेश पॉल कर रहे हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी पंडाल का निर्माण भव्य तरीके से किया जा रहा है। यहां परंपरा के अनुसार पूजा पूरे विधि-विधान के साथ होती है। नगर निगम कार्यालय परिसर में होनेवाली पूजा में शहर के अलावा आसपास के लोग भी सपरिवार शामिल होते हैं। पिछले साल यहां राजस्थानी महल की अनुकृति का पंडाल प्लाई और प्लास्टिक आर्ट से तैयार किया गया था, जिसे लोगों ने काफी पंसद किया था।
बड़ी संख्या में आते हैं श्रद्धालु
शहरसे सबसे पॉश इलाके में पूजा होने की वजह से यहां अन्य जगहों की अपेक्षा काफी भीड़ रहती है। ज्यादातर लोग परिवार के साथ आना पसंद करते हैं। यहां बंगाली पंडित पूजा कराते हैं। समिति के सदस्य राजीव कहते हैं कि चूंकि पास में बैंक मोड़ थाना है, इसलिए यहां सुरक्षा को लेकर भी निश्चित रहते हैं। रेस्टोरेंट और तरह-तरह के व्यंजनों के स्टॉल भी मेले का आकर्षण रहते हैं।
^यहां पूजा पारंपरिक तरीके से और पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है। एक-एक मिनट का हिसाब रखा जाता है। यहां पर ज्यादातर लोग अपने परिवारों के साथ पूजा में शामिल होते हैं। यही कारण है कि हम सुरक्षा से लेकर अनुशासन का पूरा ख्याल रखते हैं। -राजेश्वर सिंह यादव, सचिव,नया बाजार सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति
पंडाल एक नजर में...
शहर के बीचों-बीच दिखेगा मदुरई का मीनाक्षी मंदिर
नगर निगम कार्यालय परिसर में ~3.5लाख कीलागत से भव्य पंडाल का निर्माण शुरू
65 साल से हो रहा है आयोजन
दुर्गा पूजा पंडाल
शहर का