धनबाद। देश के बड़े शराब सिंडिकेटों में एक विनोद-शिवा ग्रुप के प्रोपराइटर विनोद कुमार और उनके कारोबारी साझेदारों के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमों ने गुरुवार को एक साथ छापा मारा। बिहार सर्किल के अन्वेषण दलों ने सुबह एक साथ धनबाद के गांधी रोड स्थित प्रमोद कुमार के आवास के साथ पटना के 25, कोलकाता के 5 के अलावा आसनसोल, छपरा, हरिपुर, गया, औरंगाबाद, मोहनियां और सासाराम के ठिकानों पर दबिश दी।
विनोद के पटना के कदमकुआं स्थित आवास से टीम को 40 लाख रुपए नकद समेत निवेश और जमाराशि से जुड़े कागजात मिले, वहीं विभिन्न ठिकानों में मिले दस्तावेज से खुलासा हुआ कि ग्रुप की कमाई करोड़ों में है, जबकि रिटर्न में आमदनी को बेहद मामूली दर्शाकर हर साल करोड़ों की टैक्स चोरी की जा रही थी।
यह भी भेद खुला कि ग्रुप अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए कोलकाता की कई बोगस कंपनियाें का भी सहारा ले रखा है। उन कंपनियों के माध्यम से करोड़ों की ब्लैक मनी को व्हाइट कर राशि अपने खातों में ट्रांसफर कराई। बिहार-झारखंड के महानिदेशक उज्ज्वल चौधरी के निर्देश और पटना के उपनिदेशक कुमार संजय के नेतृत्व में चले ऑपरेशन में बिहार और झारखंड के विभिन्न प्रक्षेत्रों के अधिकारियों ने पुलिस बल की मदद से छापेमारी की। छापेमारी शुक्रवार तक जारी रहेगी।
- छापेमारी जारी, कई अहम दस्तावेज बरामद
- धनबाद के गांधीनगर रोड स्थित आवास।
- बिहार की राजधानी पटना के 25 ठिकानों के साथ-साथ छपरा, गया, सासाराम आदि।
- कोलकाता के 5 ठिकाने के अलावे आसनसोल में।
बिहार में चलता है सिक्का :
विनोद-शिवा ग्रुप का बिहार में शराब कारोबार में सिक्का चलता है। बिहार के कई जिलों में ग्रुप ने सिंडिकेट बनाकर ठेका ले रखा है। ग्रुप का पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी कारोबार फैला हुआ है। आसनसोल में ग्रुप ने अपना एक ठिकाना बना रखा है। धनबाद के गांधी रोड में जिस प्रमोद शाहबादी के आवास पर दबिश दी गई, वे विजय के रिश्तेदार बताए जाते हैं।
कुछ हजार रुपए खर्च कर व्हाइट किए करोड़ों रुपए
आयकर अधिकारियों के मुताबिक, ग्रुप प्रोपराइटर और साझेदारों ने कुछ हजार रुपए में ही करोड़ों रुपए की ब्लैक मनी को व्हाइट कर लिया। इसके लिए कोलकाता में बोगस कंपनियां चलाने वाले शातिरों का सहारा लिया गया। ग्रुप प्रोपराइटरों ने बोगस कंपनियों से ऋण का आवेदन दिया। कागजों में ही करोड़ों रुपए स्वीकृत हुए। फिर संबंधित बोगस कंपनियों के खाते में ब्लैक मनी जमा कराई गई। उसके बाद उन कंपनियों के खातों से चेक के माध्यम से करोड़ों की रकम ग्रुप के बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली गई। इसके एवज में बोगस कंपनियां चलाने वालों को बतौर फीस कुछ हजार रुपए थमा दिए गए।
शराब कारोबार करने वाले विनोद-शिवा ग्रुप के तीन राज्यों के 39 ठिकानों पर छापे डाले गए। छानबीन में करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। बोगस कंपनियों की आड़ में 15 करोड़ की रकम भी सफेद करने की कोशिश हुई। ग्रुप का सालाना टर्नओवर 250 करोड़ के आसपास है, जबकि रिटर्न में आधे से 2 फीसदी कारोबार ही दिखाया जा रहा था। छापेमारी खत्म होने के बाद स्पष्ट होगा कि ग्रुप ने कितनी बड़ी रकम की करवंचना की। कुमार संजय, आयकरउपनिदेशक (अन्वेषण), पटना ।
रिटर्न में आधे से 2 फीसदी का ही दिखाया कारोबार
आयकर विभाग ने कोलकाता के 6 ठिकानों पर छापेमारी कर बोगस कंपनियों की आड़ में पर ब्लैक मनी को व्हाइट करने के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। इन कंपनियों के माध्यम से ग्रुप ने 15 करोड़ की राशि को व्हाइट कर अपने बैंक खातों में चेकों के माध्यम से ट्रांसफर कराया। छापेमारी दल के मुताबिक कागजों में चलने वालीं ऐसी कंपनियों से ग्रुप ने करोड़ों की राशि बतौर लोन ली। वैसी कंपनियां अस्तित्व में नहीं हैं। लिहाजा लोन चुकाने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
कोलकाता की बोगस कंपनियों से 15 करोड़ लिए लोन
पटना के कदमकुआं क्षेत्र में लगभग 20 करोड़ के एक मकान पर कारोबारी विनोद घिर गए हैं। पुलिस ने उस आवास पर छापा मारा और जमीन से जुड़े दस्तावेज को अपने कब्जे में ले लिया। आकलन में मकान की कीमत देख आयकर अधिकारियों ने विनोद से सवाल किया-मकान में हुए निवेश का स्रोत क्या है? विनोद स्रोत से जुड़ी जानकारी या कागजात प्रस्तुत करने में विफल रहे। विनोद मकान में रिश्तेदारों के पैसे लगने की बात भी कहते रहे, पर उसे प्रमाणित करने में विफल रहे।
विनोद-शिवा ग्रुप का सालाना कारोबार लगभग 250 करोड़ का है, जबकि आयकर रिटर्न में उसे 13 से 14 करोड़ के बीच दर्शाया जा रहा था। छापेमारी का नेतृत्व कर रहे डीडीआई कुमार संजय ने बताया कि वर्षों से शराब का कारोबार कर रहे इस ग्रुप ने सालाना टर्नओवर को छुपाया। किसी वित्तीय वर्ष में टर्नओवर का सिर्फ आधा प्रतिशत लाभ दिखाया, तो कभी एक-डेढ़ फीसदी। टैक्स चोरी करने के लिए ग्रुप अपनी कमाई बेहद मामूली दिखाता रहा, पर जब्त दस्तावेज ने इस गोरखधंधे को उजागर कर दिया।
- पटना में 20 करोड़ के मकान पर घिरे कारोबारी ।
- टर्नओवर 250 करोड़ दिखाया सिर्फ 14 करोड़ ।
- धनबाद के गांधी रोड स्थित इसी आवास में हुई छापेमारी।
- 40 लाख रुपए नकद बरामद, करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा।
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के ठिकानों पर एक साथ बोला धावा ।