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सांसद गुट के लोगों ने मेयर समर्थकों को खदेड़ा, हंगामा

5 वर्ष पहले
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चाल,चलन और चेहरे के साथ अनुशासित पार्टी का दंभ भरने वाली भाजपा का अनुशासन गुरुवार को तार-तार हो गया। अनुशासन की धज्जियां उड़ाने वाले कोई बाहरी नहीं, बल्कि पार्टी के कार्यकर्ता ही थे। नए जिलाध्यक्ष के नाम पर आम सहमति बनाने के लिए प्रदेश नेतृत्व की ओर से गुरुवार को पंडित दीनदयाल उपाध्यक्ष की पुण्यतिथि पर रायशुमारी रखी गई थी। उनकी पुण्यतिथि पर ही जमकर हंगामा हुआ। धक्का-मुक्की से लेकर रगेदा-रगेदी भी हुई। चुनाव प्रभारी, पर्यवेक्षक, निवर्तमान जिलाध्यक्ष और प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों की मौजूदगी में मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल के समर्थकों को पीटा गया। किसी ने तो पीटनेवालों को रोका और ही उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस बुलानी पड़ी।

रायशुमारीसे पहले हंगामा

आमसहमति बनाने के लिए हीरापुर के अग्रसेन भवन में रायशुमारी रखी गई थी। जिला चुनाव प्रभारी मनोज सिंह और पर्यवेक्षकों प्रदीप सिन्हा तथा शिवपूजन पाठक के वहां पहुंचते ही हंगामा शुरू हो गया। अध्यक्ष पद के दावेदार अरुण राय के समर्थकों ने हो-हल्ला शुरू कर किया। उनका आरोप था कि चंद्रशेखर सिंह और उनके समर्थकों ने 20 मंडल अध्यक्षों को उनके घर से उठा लिया।

हंगामा दो अध्यक्षों के मुद्दे पर था : मनोज

जिलाचुनाव प्रभारी मनोज सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने महानगर और ग्रामीण इकाई के लिए अलग-अलग जिलाध्यक्ष के चयन की मांग की। कुछ लोग इसके खिलाफ थे और कुछ समर्थन में। इसी बात पर हंगामा हुआ। चुनाव प्रभारी ने कहा कि इस बारे में उन्हें पार्टी से कोई निर्देश नहीं मिला है। यह उनके हाथ में भी नहीं था। दूसरा मुद्दा चार मंडलों के चुनाव का था। बड़े संगठन में ऐसा हो जाता है।

पार्टी में हुई लोकतंत्र की हत्या : अरुण

नएजिलाध्यक्ष की घोषणा होने के बाद अरुण राय ने अग्रसेन भवन में मीडिया से कहा कि पार्टी में लोकतंत्र की हत्या हुई है। पूरी चुनाव प्रक्रिया गलत है। ऐसा प्रदेश चुनाव पदाधिकारी के इशारे पर हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह में ही मंडल अध्यक्षों को घर से उठा लिया गया था। पहले सांसद और फिर विधायक के आवास पर ले जाया गया। उसके बाद सभी को एक होटल में बैठाया गया, जहां सभी को रुपए दिए गए। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी से शिकायत करेंगे और चुनाव रद्द करने की मांग करेंगे।

मेयर समर्थकों को खदेड़ा

हंगामेऔर नारेबाजी के दौरान अरुण के समर्थक और विरोधी आमने-सामने गए। नारेबाजी और हंगामा बढ़ते-बढ़ते हाथा-पाई और धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। इसी बीच किसी ने मेयर और अरुण के समर्थक रूपेश सिन्हा को घूंसा जड़ दिया। रूपेश घूंसा मारनेवाले को देख नहीं सके। इस बीच सांसद के समर्थकों ने मेयर समर्थकों को खदेड़ दिया। मेयर समर्थकों की ओर से बाद में विधायक ढुल्लू महतो के समर्थकों ने भी हो-हल्ला किया। हंगामा शाम तक जारी रहा।

नए जिलाध्यक्ष के लिए अग्रसेन भवन में रायशुमारी के दौरान एक-दूसरे से उलझे गुटों में बंटे भाजपाई।

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