बीसीसीएल की हालत पर कारोबारियों ने जताई चिंता

4 वर्ष पहले
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बीसीसीएलऔर कोयले से धनबाद की पहचान है। लेकिन कुछ वर्ष से सरकार की बेरुखी के कारण इसकी हालत दयनीय हो रही है। पार्ट टाइम सीएमडी के भरोसे बीसीसीएल चल नहीं पा रही है। सीएमडी के नहीं रहने से कनीय अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। इसका खामियाजा धनबाद के व्यापारी जनता को भुगतना पड़ रहा है क्योंकि पूरे धनबाद का कारोबार प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से बीसीसीएल से जुड़ा है। न्यू मार्केट स्थित बैंक माेड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स कार्यालय में व्यवसायियों ने प्रेस से बातचीत में कही। व्यवसायियों ने कहा कि कई माह से बोर्ड की बैठक नहीं हो पा रही है। कई बार बैठक के लिए तारीख की घोषणा हुई लेकिन हर बार स्थगित कर दी जाती है। नतीजा यह है कि इस साल का बजट भी अबतक पास नहीं हुआ। इसके कारण आपूर्तिकर्ताओं को मार्च माह के सप्लाई का बिल लंबित है।

व्यवसायियों ने सरकार से मांग की है कि जल्द लंबित कार्य पूरा हो। भूमिगत खदानों को शुरू किया जाए ताकि प्रदूषण फैलना बंद हो। खदानों की सुरक्षा पर ध्यान दें पूर्णकालिक सीएमडी की नियुक्ति हो। ताकि यहां के व्यापार को बचाया जा सके। मौके पर जिला चैंबर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, महासचिव चेतन गोयनका, बैंक मोड़ चैंबर के सचिव प्रभात सुरोलिया, प्रवक्ता संदीप मुखर्जी, सुशील नारनोली सहित अन्य मौजूद थे।

बैंक मोड़ के न्यू मार्केट में मीडिया से बातचीत करते जिला चैंबर के सदस्य।

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