बिजली विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला

4 वर्ष पहले
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कहा : जबतक समस्या का निदान नहीं होता, जारी रहेगा आंदोलन

भास्करन्यूज|निरसा

ग्रामविकास समिति के बैनरतले शुक्रवार को भागाबांध केदुठा गांव के ग्रामीण बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार कार्य में लापरवाही के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप था कि विभाग क्षेत्र में सिर्फ पैसे उगाही का काम कर रहा है। जहां पैसा मिला वहां काम करता है। वहीं देर शाम तक बिजली विभाग के कोई भी अधिकारी भूख हड़तालियों से वार्ता नहीं की। इससे ग्रामीणों की भूख हड़ताल जारी है। ग्राम विकास समिति के संयोजक संजय सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में बिजली विभाग के सभी अधिकारी कर्मचारी पैसे उगाही में लगे हैं। व्यवसाई बिजली कनेक्शनधारियों को ज्यादा-से-ज्यादा लाभ पहुंचाने उनके सामान्य-सी खराबी को सुधारने को लेकर कई घंटों तक बिजली काट कर रख दी जाती है। वहीं आमजनों के घरों में कई दिनों तक बिजली खराब रहने की सूचना बार-बार देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है।बिजली के ट्रांसफाॅर्मर जले या फिर गांव में नया ट्रांसफाॅर्मर लगवाया जाए। विभाग को सभी कार्य नि:शुल्क करना है। परंतु विभाग ट्रांसफार्मर खोलने लगाने के नाम पर उपभोक्ताओं से एक मोटी रकम वसूलती है। वहीं जला ट्रांसफाॅर्मर को ठीक करवाने तथा नया ट्रांसफाॅर्मर लेने के लिए उपभोक्ताओं को स्वयं धनबाद पुटकी के चक्कर लगाने पड़ते हैं। भागाबांध केदुठा में बिजली समस्या को देखते हुए विभाग के अधिकारी गांव का दौरा किया तथा बिजली समस्याओं से निजात दिलवाने को लेकर एस्टीमेट तक बनाई। परंतु ग्रामीणों की बिजली समस्या से निजात के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जबतक उक्त दोनों गांवों में नया ट्रांसफाॅर्मर नहीं लगाया जाता तथा बिजली समस्या का समाधान नहीं किया जाता भूख हड़ताल जारी रहेगा। मौके पर श्यामल साहनी, राजू बनर्जी, सुभाष साहनी, सुमन नंदी, उचित कुमार सिंह, लाल्टू नंदी, गौरांगो दास, रोहित सिंह आदि मौजूद थे।

बिजली कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण।

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