• Hindi News
  • Local
  • Jharkhand
  • Dhanbad
  • जेलबर्ड की निगरानी में पुलिस फेल, सीआईडी के एडीजी ने दी रिपोर्ट, जेल से छूटे अपराधी पर रखें नजर

जेलबर्ड की निगरानी में पुलिस फेल, सीआईडी के एडीजी ने दी रिपोर्ट, जेल से छूटे अपराधी पर रखें नजर

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राज्य में अपराध जगत के पुराने खिलाड़ी \\\' जेलबर्ड \\\' ही अधिकांश आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। यदि पुलिस उनपर ही शिकंजा कस ले, तो अपराध की घटनाओं में 80 फीसदी तक की कमी स्वत: जाएगी। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। राज्य के अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) का भी मानना है कि जेल से जमानत पर छूटे अपराधियों का सत्यापन किया जाना चाहिए। इसके लिए अपराध अनुसंधान विभाग की ओर से राज्य के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को पत्र भेजा है। सीआईडी के अपर पुलिस महानिदेशक की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्राय: ऐसी सूचना प्राप्त हो रही है कि जमानत पर रिहा होनेवाले अपराधी पुन: सक्रिय होकर गंभीर अपराध कर रहे हैं। कई जिलों में ऐसे गंभीर प्रकृति के अपराध हुए हैं। एडीजी ने लिखा है कि जेल से छूटे अपराधकर्मी चोरी, लूट, डकैती जैसे गंभीर कांडों में संलिप्त रहे हैं। ऐसे में जिलों में होनेवाली घटनाओं में इनकी संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में इन घटनाओं से संबंधित दर्ज कांडों के अनुसंधान के क्रम में जेल से छूटे अपराधकर्मियों की संलिप्तता के बिंदु पर भी जांच किया जाना आवश्यक है

आदतन अपराधियों के जमानत रद्द करने के निर्देश भी है बेअसर

अदालतसे जमानत पर रिहा होने के बाद अपराधी फिर से वारदात को अंजाम देते हैं, तो उनकी जमानत तत्काल रद्द करने का निर्देश वरीय पुलिस अधिकारी ने दिया था। ऐसे व्यक्ति पर पुलिस में कोई रिपोर्ट करता है तो उसे तुरंत दर्ज करने को कहा गया था। लेकिन गुंडे-बदमाशों के खिलाफ थाने में शिकायत करने पर पुलिस तरह-तरह के बहाने बनाकर टाल देती है। अगर पुलिस कुछ एक्शन लेना भी चाहती है तो सफेदपोश उसपर दबाव डालते हैं।

कोयला क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की सूची भी सौंपी

एडीजीने कोयला क्षेत्र बोकारो, धनबाद आदि जिलों में वैसे सक्रिय अपराधियों की सूची भी सौंपी है, जिन्होंने हाल में ही जमानत ली है। ऐसे करीब 20 अपराधी हैं, जो चोरी, डकैती और अन्य अपराधों में सक्रिय रहे हैं। इनमें पिंटू पासी (जरीडीह), मो अख्तर उर्फ दानिश (बोकारो थर्मल), अशोक साव, दिलीप मिश्रा (पेटरवार), सतीश तुरी, सुरेंद्र पाल (दुग्धा), रविचंद्र उर्फ रविपाल (तोपचांची), मिथिलेश पांडेय (बालीडीह), लुटन भुईयां, हैदर मियां (सियालजोरी), इरफान अंसारी (बेरमो) , नईम अंसारी, मनोज सिंह, समीर अंसारी (माराफारी), गणेश रवानी (चंदनकियारी), सुभान अंसारी (बेरमो), मनोज महतो, नीतेश सेठ (चास) शामिल हैं।

{जेल से बाहर आनेवाले बदमाश पर गोपनीय तरीके से रखी जाए नजर

{बदमाश केपीछे मुखबिर लगा, उसकी गतिविधियों की निगरानी करे

{उसकीरोजी- रोटी कैसे चल रही है, उसपर विशेष नजर रखे

{घर सेबाहर अंदर किन-किन लोगों से मिलता है, कहां जाता है, उसके आने-जाने पर ध्यान रखे, संभव हो, तो हर 15 दिन पर उसे थाने बुलाकर पूछताछ की जाए

{थानेमें उसकी फोटो लगी हो

{आदतन याखूंखार बदमाशों की तसवीर सार्वजनिक स्थान पर भी लगे मुख्य धारा में लाने के लिए काउंसलिंग की जाएं।

खबरें और भी हैं...