धनबाद। 70 वर्षीय कैंसर के मरीज चंद्र मोहली प्रसाद सिंह की एसबीआई बैंकमोड़ मेन ब्रांच से साइबर अपराधी ने कोड हैंक कर एक लाख रुपए उड़ा लिए। इसकी जानकारी तब उन्हें मिली, जब उनके
मोबाइल पर बैंक से मैसेज आया। वे अपने परिजनों के साथ किसी तरह बैंक पहुंचे, लेकिन बैंक से पूरा ब्यौरा मिला तो वे हैरत में पड़ गए। दूसरे राज्य से किसी ने उनके एकाउंट से मॉल में एक लाख की सामान की खरीदारी 12 दिसंबर को कर ली है। इस संबंध में बैंकमोड़ थाना पुलिस को सूचना दे दी गई है।
बैंकमोड़ थानेदार अशोक कुमार सिंह ने कहा कि कम-से-कम महीने में एक बार लोगों को कोड बदल लेना चाहिए। कभी-कभी लापरवाही अनदेखी के कारण किसी को कोड पता चल गया तो सारा पैसा चला जाएगा। एटीएम कोड नंबर बदलना चाहिए। पुराना कोड हमेशा रहेगा तो कभी कभी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। साइबर अपराधी जालसाज इतने सक्रिय हो गए हैं कि मौका मिलते ही किसी का रुपए उड़ा ले रहे हैं। चालाकी से कार्ड बदल कर रुपए उड़ा लेते हैं। फोन से बैंक अधिकारी बन कर कोड नंबर पूछ कर रुपए की निकासी कर ले रहे हैं।
भूली बी ब्लॉक के रहने वाले चंद्र मोहली प्रसाद सिंह ने पुलिस को कहा कि वे बीसीसीएल से रिटायर्ड हो गए हैं। उन्हें कैंसर है। बाहरी चिकित्सकों से उनका इलाज चल रहा है। बैंक में एक लाख रुपए बचे थे। दवा के लिए रखे थे। उसे भी साइबर क्रिमिनल कोड नंबर हैंक कर निकाल लिए। मुंबई में खरीदारी की गई है। बैंक मैनेजर से शिकायत कर एकाउंट नंबर कोड नंबर को लॉक करा दिया गया है। हालांकि सारा रुपए चला गया।
माह में एक बार कोड बदल लेना चाहिए।
100 रुपए छोड़ सभी रुपए निकाले।
100 रुपए छोड़ कर सभी रुपए निकाल लिया। अब कर्ज लेकर इलाज कराना होगा।