पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • बगैर राशन और रुपए के चुनाव ड्यूटी पर गए 4000 पुलिसकर्मी

बगैर राशन और रुपए के चुनाव ड्यूटी पर गए 4000 पुलिसकर्मी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कमान के लिए दिनभर कराना पड़ा इंतजार, पुलिसकर्मियों ने पुलिस लाइन में किया हंगामा

पुलिस लाइन से शनिवार को बगैर राशन और रुपए के 4000 पुलिसकर्मी जिले के 2157 बूथों पर चुनाव ड्यूटी के लिए रवाना हुए। उन्होंने सुबह से शाम तक पुलिस लाइन के मैदान में कमान के लिए हंगामा किया। कमान मिलने में रात के नौ बज गए। पुलिसकर्मियों का कहना था कि सरकार की ओर से लाखों रुपए का बजट पुलिस विभाग में आता है। हर पुलिसकर्मी को 150 रुपए अौर साथ में सत्तू, नमक, प्याज मिर्च मिलता है, लेकिन इस बार किसी को राशन मिला और ही रुपए। हालांकि दूसरे जिलों से आए 8000 पुलिसकर्मियों, सीआरपीएफ जवानों और जैप जवानों को राशन दिया गया है। बाद में वरीय पदाधिकारी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि रुपए उनके बैंक खाते में जमा करा दिए जाएंगे।

एक दिन बाद दी गई कमान

महिला जवानों को बैठाए रखा

समय पर नहीं मिली गाड़ी

पुलिसकर्मियों ने बताया कि कमान पर 12 दिसंबर की तारीख दर्ज है, लेकिन कमान दी गई 13 दिसंबर की रात में। ऐसे में अगर समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, तो नौकरी फंसनी तय है। अफसर तो यही कहेंगे कि कमान दो दिन पहले मिल गई थी, फिर भी समय पर नहीं पहुंचे।



गर्दन हमेशा छोटे कर्मचारियों की ही फंसती है।

50 से अधिक महिला पुलिसकर्मी कमान के इंतजार में पुलिस लाइन में दिनभर बैठी रहीं। वे सुबह आठ बजे पहुंची थीं, लेकिन उन्हें कमान रात आठ बजे सौंपी गई। उन्होंने कहा कि पूरा सिस्टम फेल हो गया। पूरा काम एक सिपाही के था। कम-से-कम हर विस क्षेत्र के लिए एक-एक सिपाही तो होना ही चाहिए था।

पुलिसकर्मियों ने कहा कि उन्हें समय पर तो कमान मिली और ही गाड़ी। जिले के 4000 पुलिसकर्मी सुबह से शाम तक इंतजार करते रहे। काफी हंगामे के बाद आधे पुलिसकर्मियों को शाम पांच बजे तक कमान मिली, बाकी को रात आठ से नौ बजे कमान सौंपी गई। इससे पुलिसकर्मियों काे काफी परेशानी हुई।

जवानों को दिन में ही बूथों पर चले जाना चाहिए था, लेकिन रात में रवाना होना पड़ रहा है। नक्सल क्षेत्र में ड्यूटी के लिए भी जवानों को रात में ही पुलिस लाइन से रवाना किया गया।

अफसर नदारद, सिपाही काट रहा था कमान

हरबार पुलिस लाइन में सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए अलग-अगल तंबू लगाए जाते थे, जिसमें बैठकर अधिकारी कमान देते थे। इस बार एक सिपाही को पेड़ के नीचे बैठा कर कमान काटने की जिम