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मिनरल कांग्रेस

6 वर्ष पहले
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अमेरिकी तकनीक की हुई चर्चा

आईएसएम में आयोजित कार्यक्रम को कई विशेषज्ञों ने किया संबाेधित

आईएसएम में आयोजित इंडियन मिनरल कांग्रेस में बतौर मुख्य अतिथि बोले यूएसए के प्रो आरवी रमानी

एजुकेशनरिपोर्टर | धनबाद

इंडियन स्कूल ऑफ माइंस (आईएसएम) में सातवें इंडियन मिनरल कांग्रेस एंड एक्जिबिशन में यूएसए से आए प्रो आरवी रमानी ने अमेरिका में प्रयोग होने वाली माइनिंग और मिनरल तकनीक की चर्चा की। उन्होंने अमेरिका और विश्व के अन्य देशों में प्रयोग होने वाली तकनीकों का भी जिक्र किया। साथ ही विश्व में मिनरल सेक्टर के विकास के विषय में भी बताया। आईएसएम के 1958 बैच के छात्र डॉ जिंसी मृग ने अपने संबोधन में कोल इंडिया के विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फिलहाल कोल इंडिया प्रति वर्ष 1.4 मिलियन टन का उत्पादन कर रही है, जो आनेवाले दिनों में और बढ़ेगा। आईएसएम के निदेशक डॉ डीसी पाणिग्रही ने कोल, मेटल की माइनिंग में आईएसएम के योगदान पर प्रकाश डाला।

ऑप्टिकल ब्लास्टिंग

पूरी तरह सुरक्षित

सिंफरके वरीय वैज्ञानिक डॉ पीयूष पॉल राय ने माइनिंग में ऑप्टिकल ब्लास्टिंग के प्रयोग के बारे में विस्तार से बताया। एेसी ब्लास्टिंग के बाद भी सरफेस सुरक्षित रहता है। इसका इस्तेमाल डीप माइनिंग में भी किया जा सकता है। कार्यक्रम में आईएसएम एलुमिनाई एसोसिएशन के चेयरमैन राहुल गुहा, बीसीसीएल के सीएमडी टीके लाहिड़ी, आईएमसी के संयोजक प्रो बीसी सरकार, डॉ सोमनाथ चक्रवर्ती आदि ने अपनी बात रखी।

आईएसएम के सेमिनार का दीप प्रज्वलित कर उद‌्घाटन करते अतिथि।