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पहले दिन 10 घंटे देर से धनबाद पहुंची ट्रेन

6 वर्ष पहले
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धनबाद/गोमो। केन्द्र सरकार के भू अधिग्रहण अध्यादेश के विरोध में भाकपा माआेवादियों द्वारा आहूत बंद के दौरान नक्सलियों ने बुधवार देर रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे भोलीडीह हाल्ट के निकट रेलवे ट्रैक उड़ाने के ढाई घंटे बाद दो बजे गोमो-चंद्रपुरा रेलखंड पर यमुनिया नदी पुल के निकट भी विस्फोट कर ट्रैक उड़ा दी।
दोनों रेल खंड पर करीब सात घंटे रेल सेवा बाधित रही। गंगा-दामोदर भाया गया की बजाय जसीडीह से होते हुए पटना गई। बाकी ट्रेनें देर रात से सुबह आठ बजे जहां तहां खड़ी रही। जिसमें कालका, दून, जोधपुर, अजमेर अन्य ट्रेनें शामिल है। धनबाद-गया इंटरसिटी को गुरुवार सुबह रद्द कर दिया गया।

सुबह सात बजे शुरू हुआ परिचालन

विस्फोट की सूचना के बाद गोमो आरपीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार रात में 12:15 बजे भोलीडीह स्टेशन पहुंचे। वहीं से रेलवे कंट्रोल को खबर दी। देर रात होने की वजह से मरम्मत शुरू नहीं की जा सका। गुरुवार सुबह करीब पांच बजे गोमाे और पारसनाथ से पहुंचे रेल कर्मियों ने मरम्मत शुरू की। सात बजे के करीब मरम्मत कार्य पूरा हुआ। फिर रेल परिचालन शुरू किया गया। इधर, चन्द्रपुरा से पीडब्ल्यूआई के कर्मियों ने यमुनिया नदी पुल के निकट पटरी की मरम्मत की। सुबह आठ बजे गोमो-चंद्रपुरा रेलखंड पर परिचालन शुरू हुआ।

विस्फोट के बाद टांगा बैनर

माओवादियों ने विस्फोट के बाद दोनों जगहों पर बैनर टांग कर सरकार को चेतावनी दी। बैनर में लिखा हुआ है कि जन विरोधी जमीन अध्यादेश के खिलाफ झारखंड, बिहार ओर उड़ीसा बंद का पूरी तरह से पालन करें, बस्तर इलाके में हजारों-हजार सशस्त्र बल के क्रूर दमन-अत्याचार के विरूद्ध आम जनता गरज उठे, जोतने वालों के हाथों में जमीन और क्रांतिकारी जन कमिटी के हाथों में हुकूमत हो।

विस्फोट की आवाज घटनास्थल से करीब तीन किमी की दूरी पर स्थित नरियाहीटांड़, हरिहरपुर गांव तक पहुंची। वहां के ग्रामीणों ने कहा कि रात के करीब साढ़े ग्यारह बजे जब वे लोग टीवी देख रहे थे, तभी जोरदार विस्फोट की आवाज सुनाई दी। पूरा घर हिल गया। अनहोनी की आशंका से वे घरों में कैद रहे।

ट्रेन में 18 कोच हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या 100 भी नहीं थी। 2 एसी और 3 एसी समेत स्लीपर तथा जेनरल कोच में इक्का-दुक्का यात्री ही दिखे। स्लीपर के ज्यादातर कोच खाली थे। 2 एसी की एक, 3 एसी की तीन, स्लीपर की छह, जेनरल की छह और एसएलआर की 2 बोगियां ट्रेन में हैं।


वैसे ट्रेन के यात्रियों ने कहा कि रांची से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए पहले कोई ट्रेन नहीं थी। इस ट्रेन से झाझा, किऊल, बरौनी, बेगूसराय, कटिहार, सिलिगुडी और न्यू जलपाईगुड़ी जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।

यह ट्रेन रांची से खुलने के बाद मुरी, बोकारो स्टील सिटी, चंद्रपुरा, धनबाद, चितरंजन, मधुपुर, जसीडीह, झाझा, किउल, बरौनी, बेगूसराय, खगड़िया, नौगछिया, कटिहार, बरसोई, किशनगंज, अलुआबरी रोड, ठाकुरगंज, सिलीगुड़ी में रुकने के बाद न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी। 19 फरवरी से यह ट्रेन नियमित रूप से चलेगी।

19 फरवरी को स्लीपर में 272, 2 एसी में 23 और 3 एसी में 126 बर्थ उपलब्ध हैं। इसके बाद के सप्ताहों में भी फिलहाल बर्थ उपलब्ध हैं।

जेनरल का किराया 240 रुपए

साधारण कोच में रांची से जलपाईगुड़ी जाने के लिए 240 रुपए किराया लगेगा। स्लीपर में 415 रुपए, 3 एसी में 1110 रुपए अौर 2 एसी में 1555 रुपए लगेंगे।
पहले दिन 10 घंटे देर से धनबाद पहुंची ट्रेनऋ
झारखंड वासियों को गुरुवार को नई ट्रेन की सौगात मिली। 18629/18630 रांची-न्यू जलपाईगुड़ी साप्ताहिक एक्सप्रेस का रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उद्‌घाटन किया। नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने रांची स्टेशन पर इसे हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। ट्रेन अपने निर्धारित समय सुबह 5:45 बजे के बजाय दोपहर 2:45 बजे खुली और बोकारो, चंद्रपुरा होते हुए रात 7:55 बजे धनबाद जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर पहुंची। ट्रेन के यहां पहुंचने का निर्धारित समय दिन के 9:55 बजे है।