मौके पर जीतू पासवान, मुकेश महतो, परमेश्वर महतो आदि मौजूद थे। अंतत: प्रबंधन ने इन्हें वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता में प्रबंधन की ओर से प्राचार्य डॉ
पीके सेंगर और अधीक्षक डॉ के विश्वास मौजूद थे। अधिकारियों को लिखित आश्वासन देना पड़ा कि यदि पीएमसीएच में बहाली निकलती है, तो स्थानीय युवकों को प्राथमिकता दी जाएगी। तब जाकर यह आंदोलन समाप्त हुआ।