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बैंक लॉकर की चाबियों को लेकर उलझन में पड़ी पुलिस

7 वर्ष पहले
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एसबीआईकी झरिया बाजार ब्रांच के लॉकर से कारोबारी विजय साहू की जेवरात और पूर्वजों की मूर्तियां गायब होने के मामले में पुलिस उलझ गई हैं। बैंक प्रबंधन की ओर से पुलिस को बताया गया कि इस मामले में बैंक दोषी नहीं है क्योंकि लॉकर की दो चाबियों में एक कस्टमर के पास होती है। कस्टमर की चाबी के बगैर लॉकर खोला नहीं जा सकता। वहीं लॉकर धारक साहू का दावा है कि बैंक अधिकारियों ने अमानत पर खयानत कर लॉकर खोल उसमें रखे जेवरात और मूर्तियां गायब कर दीं। बैंक और वादी के दावों को लेकर उलझी पुलिस ने अनुसंधान में दोनों पक्षों को संदिग्ध मान रही है। साहू की लिखित शिकायत पर एसबीआई झरिया बाजार शाखा के प्रबंधक डीसी चौधरी और सहायक प्रबंधक विवेकानंद बिरुआ को अभियुक्त बनाया गया है। दोनों को भादवि की धारा 406 और 409 में आरोपित किया गया है। दूसरी तरफ एसबीआई के धनबाद हेड ऑफिस स्तर से भी इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। रीजनल मैनेजर समेत अन्य अधिकारी आज झरिया बाजार ब्रांच पहुंचे और मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर से पूछताछ की।

बैंक प्रबंधकों ने ही गायब कर दिए जेवर और मूर्तियां : साहू|विजय साहूने घटना के लिए सीधे तौर पर बैंक के मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर को जिम्मेवार बताया। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से उसका लॉकर खोल उसमें पुश्तैनी भगवान की सोने की मूर्ति, चांदी के सिक्कों के साथ शादी में मिले सारे जेवरात गायब कर दिए गए।

लॉकर में क्या है, सिर्फ कस्टमर जानता है : मैनेजर|बैंक ऑफइंडिया झरिया शाखा के प्रबंधक डीसी चौधरी ने बताया कि बैंक प्रबंधन कहीं से दोषी नहीं है। दो चाबियों में से एक कस्टमर के पास होती है। कस्टमर जब भी लॉकर खोलने आता है तो बैंक की ओर से दूसरी चाभी लगाकर दे दी जाती है।

सीधी बात

Q|बैंक लॉकर से जेवरात गायब मिले। माजरा क्या है?

थोड़ाअजीब मामला है। अनुसंधान किया जा रहा है।

Q|कौनपक्ष झूठ बोल रहा है?

पुलिसतो शिकायतकर्ता पर भरोसा कर रही है और बैंक अधिकारियों पर। दोनों पक्ष संदिग्ध दिख रहा है।

Q|अभीतक की जो जांच हुई वह क्या कहती है?

लॉकरधारक की शिकायत पर बैंक मैनेजरों के खिलाफ एफआईआर कर ली गई है।

Q|बैंकके लॉकर से छेड़छाड़ हुई है या नहीं?

एक्सपर्टसे लॉकर की छानबीन कराई जाएगी। सच्चाई जल्द सामने जाएगी।

बैंक कार्यालय में जांच करते एसबीआई धनबाद के क्षेत्रीय प्रबंधक।