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बाजार फीस के लिए दो हजार फर्मों को नोटिस

6 वर्ष पहले
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धनबाद। माडा के बाजार फीस विंग ने शनिवार से नए सिरे अपना कामकाज संभाल लिया। बाजार फीस विंग का कार्यालय माडा एमडी के ऑफिस बिल्डिंग में खोला गया है। माडा ने 11 गैर कृषि उत्पादों से संबंधित प्रतिष्ठानों तथा फर्मों का सर्वे किया है। माडा के सर्वे में 2 हजार गैर कृषि उत्पादों से संबंधित प्रतिष्ठानों को बाजार फीस के दायरे में लाया गया है।
माडा की इस सूची में गैर कृषि उत्पाद से जुड़े कोयला कोक, स्टोन, चिप्स बोल्डर, ब्रिक्स, लाईम एंड सैंड, आयरन स्टील, फैब्रिकेटेड वस्तु, सीमेंट, केमिकल, फर्टिलाइजर, एक्सप्लोसिव, आयर एंड स्टील सेफ, अलमीरा, जिंक एंड एलॉयज, एयर कंडिशनर, एयर कूलर एवं फायर ब्रिक्स के कारोबार शामिल हैं।
माडा इन्हें संचार माध्यम से सार्वजनिक नोटिस जारी कर 15 दिनों के अंदर लाइसेंस लाने के लिए आवेदन देने को कहा है।

चेक और ड्राफ्ट से भुगतान

बाजार फीस की राशि माडा नकदी जमा नहीं लेगा। माडा के अनुसार बाजार फीस की राशि चेक या ड्राफ्ट से लिया जाएगा। प्रतिष्ठानों को राजस्व पदाधिकारी के नाम पर चेक या ड्राफ्ट देना होगा।

भेजा जाएगा व्यक्तिगत नोटिस

माडाके अनुसार वाद संख्या डब्ल्यू पी(टी) 6507, 2006 में माननीय उच्च न्यायालय झारखंड, रांची ने 17 अक्टूबर 2014 को पारित आदेश में बाजार फीस राशि के वसूली पर रोक को समाप्त करते हुए उक्त वाद को खारिज कर दिया है। माडा ने बताया कि बाजार फीस के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों ने अगर 15 दिनों तक लाइसेंस का आवेदन नहीं दिया तो प्रतिष्ठानों को व्यक्तिगत नोटिस जारी किया जाएगा।

1. एक साल के लिए मिलेगा लाइसेंस : बाजारफीस के दायरे में आने वाले गैर कृषि उत्पादों से संबंधित प्रतिष्ठानों को माडा सिर्फ एक साल के लिए लाइसेंस देगा। प्रतिष्ठानों को हर साल लाइसेंस रिन्युअल कराना होगा।

2.स्थानांतरित नहीं होगा लाइसेंस : बाजारफीस का दायरे में आने वाले प्रतिष्ठान माडा के लाइसेंस को स्थानांतरित नहीं कर पाएंगे। प्रतिष्ठान में बदलाव होने पर पुन: लाइसेंस लेना होगा।

3.लाइसेंस आवेदन शुल्क की दो श्रेणी : लाइसेंसआवेदन शुल्क की दो श्रेणी तय की गई है। होल सेल कारोबारी को आवेदन शुल्क के रूप में 2 सौ और रिटेल कारोबारी को 1 सौ रुपए देना होगा।

4.लाइसेंस रद्द होने पर लगेंगे 5 सौ रुपए : लाइसेंसरद्द होने की स्थिति में प्रतिष्ठानों को 5 सौ रुपए लगेंगे। उन्हें पुन: लाइसेंस के आवेदन देना होगा। उनके लिए आवेदन शुल्क 5 सौ रुपए हो जाएगा।

5.हर साल देना होगा रिन्युअल चार्ज : हरसाल लाइसेंस रिन्युअल कराने का आवेदन माडा बाजार फीस विंग में देना होगा। रिन्युअल कराने की स्थिति में होल सेल कारोबारी को सौ रुपए और रिटेल कारोबारी को 50 रुपए देने होगा।

साल 2006 से लगेगा बाजार फीस

माडाने बताया कि प्रतिष्ठानों को साल 2006 से बाजार फीस देना होगा। बाजार फीस का निर्धारण सेल पर तय होगा। सेल पर माडा 1 प्रतिशत बाजार फीस लेगा। प्रतिष्ठानों को अपना सेल बताना होगा। इससे संबंधित कागजात भी माडा को देना होगा। माडा भी अपने स्तर से प्रतिष्ठानों का सेल पता करने में जुटा है।

ईसीएल बोर्ड में जाएगा प्रस्ताव

माडाने कहा कि बीसीसीएल की तरह ईसीएल भी बाजार फीस देने को तैयार है। ईसीएल अपनी बोर्ड की बैठक में बाजार फीस भुगतान का प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। माडा ने बताया कि ईसीएल से बाजार फीस के रूप में 1 सौ करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। ज्ञात हो कि बीसीसीएल ने बाजार फीस के एवज में 274 करोड़ रुपए भुगतान किए थे।

बाजार फीस का कार्यालय नए सिरे से कामकाज करने लगा है। गैर कृषि उत्पाद आधारित प्रतिष्ठान 15 दिनों के अंदर लाइसेंस का आवेदन दें। अगर प्रतिष्ठान ऐसा नहीं करती है तो व्यक्तिगत नोटिस दिया जाएगा।\\'\\' डॉ.रवींद्र सिंह, एमडी, माडा।