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मनरेगा में 25 लाख की गड़बड़ी

6 वर्ष पहले
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पूर्वी टुंडी में चल रही मनरेगा योजनाओं में 25 लाख का घपला सामने आया है। यह घपला मनरेगा के 34 योजनाओं में किया गया है। योजना में घपले की शिकायत उपायुक्त से की गई थी। जिसके बाद उपायुक्त ने सभी योजनाओं की जांच का जिम्मा उप विकास आयुक्त सीके मंडल को सौंपा। डीडीसी ने सभी योजनाओं के जांच में पाया की सभी में गड़बड़ी किया गया है। जिस योजनाओं में पैसे को व्यय किया गया है उस योजना का निर्माण हुआ ही नहीं, योजना पूरा होना तो दूर प्रखंड स्तर से योजना को पूरा करने के लिए सामग्री तक नहीं गिड़ाया गया था। डीडीसी ने सभी योजनाओं में हुई गड़बड़ी की रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी है। मनरेगा पर हुई शनिवार को जनसुनवाई में उपायुक्त ने बीडीओ राजीव कुमार को निर्देश दिया है कि वह 24 घंटे में सभी योजनाओं को पूरा करने के लिए सामग्री गिड़वाए जिसका फोटोग्राफी कराकर उपायुक्त के समक्ष सौंपेंगे।

कैसेपकड़ी गई गड़बड़ी

योजनाको शुरू करने के लिए मनरेगा फंड से पूर्वी टुंडी प्रखंड में पैसे की निकासी की गई। योजनाओं का काम जब नहीं हुआ तो और योजना को निर्माण करने में मजदूर का भुगतान नहीं किया गया। इन सब गड़बडिय़ों की जानकारी डीसी और डीडीसी तक पंहुची। जिसके बाद मामले की छानबीन हुई। जिसमें खुलासा हुआ कि सभी 34 योजनाओं में गड़बड़ी पाया गया।

एफआईआर नहीं विभागीय कार्रवाई

मनेरगाके इस घपले में बीडीओ,बीपीओ समेत कई सरकारी कर्मचारी शामिल है। इन सभी पर कायदे से एफआईआर होनी चाहिए। लेकिन मनरेगा जनसुनवाई में उपायुक्त ने कहा कि अगर एफआईआर कराते हंै तो सभी योजनाएं बंद हो जाएंगी। इसी लिए योजना पूरी की जाएगी। और सभी दोषियों पर विभागीय कार्रवाई चलाया जाएगा। पूर्वी टुंडी के बीडीओ ने मनरेगा जनसुनवाई में पक्ष रखते हुआ कहा कि वह योजना का निर्माण कराने के लिए मटेरियल को भी गिराया था। सभी मेटेरियल भी चोरी हो गए।