छात्राओं का आरोप है संस्थान की ओर से उन्हें राज्य सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार से मान्यता होने की बात कही गई थी। छात्राओं ने बताया कि नामांकन लेने के बाद पड़ताल करने पर पता चला कि संस्थान को कहीं से मान्यता नहीं है। शनिवार को संस्थान में नामांकित करीब 200 छात्राओं ने संस्थान में जमकर हंगामा किया।
छात्राओं ने संस्थान के निदेशक का घेराव भी किया। छात्राओं के प्रदर्शन के बाद संस्थान प्रबंधन की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनकी एक संस्था जमशेदपुर में संचालित है। जिसे सरकार से मान्यता प्राप्त है। छात्राएं चाहें तो अपने नामांकन को उसमें ट्रांसफर करवा सकती हैं।
इस प्रकार मिली जानकारी
छात्राओं की माने तो संस्थान की कुछ छात्राओं ने अपना एएनएम का कोर्स पूरा करने के बाद सरकारी अस्पताल में नौकरी के लिए आवेदन किया था। संबंधित अस्पताल प्रबंधन की ओर से छात्राओं का आवेदन यह कह कर छांट दिया गया कि उनके संस्थान को मान्यता नहीं है। इसके बाद दर्जनों छात्राओं ने इस मामले में पड़ताल शुरू की।
झाड़ूडीह स्थित संस्थान के बाहर जुटी छात्राएं।
संस्थान का पंजियन सोसाइटी एक्ट के तहत करवाया गया है। इसके साथ ही नामांकन से पूर्व छात्राओं को संस्थान को किसी भी सरकार से मान्यता नहीं होने की सूचना दी गई थी।\\'\\'
गोपाल साहू, निदेशक
छात्राओं को झांसा देने के लिए तीन राज्यों में बनाए परीक्षा केंद्र
संस्थान की ओर से नामांकन के लिए बाकायदा बाजार में फार्म बेचा जाता है। संबंधित फार्म में अपने सभी कोर्स को राज्य सरकार के पाठ्यक्रम के अनुसार और बीएसएस केरला, इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्नोलॉजी रिसर्च
कोलकाता से मान्यता होने का दावा है। इसके साथ ही धनबाद, रांची, जमशेदपुर, बोकारो और पुरुलिया में सेंटर भी बनाते हैं।
...अब मान्यता वाले सर्टिफिकेट के लिए मांगे रहे ~1.80 लाख
छात्राओं के हंगामा के बाद कोयलांचल कॉलेज ऑफ पारा मेडिकल टेक्नोलॉजी प्रबंधन की ओर से छात्राओं का नामांकन जमशेदपुर स्थित सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान में करवाने का आश्वासन, तो दे दिया, पर इसके लिए छात्राओं को 1.80 लाख रुपए की राशि की मांग की जा रही है। संस्थान के अनुसार जमशेदपुर में संबंधित संस्थान का ही एक कॉलेज है।