राजगंज दलूडीह के बीच बनेगा बाइपास
एनएच-2के धनबाद डिवीजन में तीन नए बाइपास बनाए जाएंगे। इनमें से एक धनबाद जिले के राजगंज में होगा, जो 2.87 किमी लंबा हाेगा। यह दलूडीह और राजगंज गांवों से होकर गुजरेगा। दूसरा बाइपास गिरिडीह जिले में जरमुनैय और बगोदर से होकर गुजरेगा। इसकी लंबाई 4.0 किमी की होगी। तीसरा बाइपास बिहार के औरंगाबाद जिले में होगा, जो मदनपुर और दावतखां गांवों से होकर गुजरेगा। यह 2.88 किमी लंबा होगा। तीनों नए बाइपासों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने जमीन का अधिग्रहण कर लिया है। राजगंज में 16.52 हेक्टेयर, गिरिडीह में 17.86 हेक्टेयर और औरंगाबाद में 14.74 हेक्टेयर जमीन ली गई है।
बाइपासमें 60 मीटर का ही होगा सिक्स लेन
बाइपाससड़कें भी सिक्स लेन की ही होंगी, लेकिन उनकी चौड़ाई सामान्य से कम रखी जाएगी। एनएच डिवीजन के मुताबिक, सामान्य स्थिति में छह लेनों की सड़क 90 मीटर चौड़ी होती है, लेकिन बाइपास की चौड़ाई 60 मीटर ही रखी जाएगी।
14.74 हेक्टेयरजमीन का औरंगाबाद में अधिग्रहण
17.86 हेक्टेयरजमीन गिरिडीह में ली गई
16.52 हेक्टेयरभूमि का राजगंज में अधिग्रहण
5100 करोड़ रुपए की लागत से बिहार के औरंगाबाद से पश्चिम बंगाल के पानागढ़ तक 341 किमी एनएच-2 को सिक्स लेन का बनाया जा रहा है। एनएचएआई के दो डिवीजन इस काम को करा रहे हैं। धनबाद डिवीजन के जिम्मे औरंगाबाद से बरवाअड्डा तक 221 किमी लंबी सड़क है। जीटी रोड के इस हिस्से पर 3500 करोड़ खर्च किए जाएंगे। बरवाअड्डा से पानागढ़ तक 120 किमी सड़क का निर्माण दुर्गापुर डिवीजन 1600 करोड़ की लागत से करा रहा है।
^जीटी रोड को सिक्स लेन करने के लिए तीन नए बाइपास बनाए जाएंगे। ये धनबाद के राजगंज, गिरिडीह और औरंगाबाद में बनेंगे। राजगंज का बाइपास दलूडीह और राजगंज के बीच होगा। गिरिडीह में जरमुनैय और बगोदर के बीच तथा औरंगाबाद में मदनपुर और दावतखां के बीच बाइपास बनाया जाएगा।’’ कर्नलयोगेंद्र मोहन, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएच-2 डिवीजन
औरंगाबाद से बरवाअड्डा तक जीटी रोड की सिक्स लेनिंग के लिए 461 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना था। इसमें से 250 हेक्टेयर जमीन रैयती है, जबकि 152 हेक्टेयर सरकारी और 59 हेक्टेयर जमीन वन विभाग की है। फिलहाल जो फोन लेन रोड है, उसके लिए औरंगाबाद से बरवाअड्डा तक 841 हेक्टेयर जमीन लगी थी। सिक्स लेनिंग के लिए जरूरी 461 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण में एनएचएआई को 350 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे। धनबाद जिले में 30 गांवों की 155.83 एकड़ जमीन ली जा रही है, जिसपर 90 करोड़ रुपए खर्च होंगे।