धनबाद। करकेंद स्थित नेहरू पार्क की वीरानी अब केन्दुआ, करकेंद के बच्चों को भी खलने लगी है। क्षेत्र का इकलौता पार्क होने के कारण यहां के बच्चों का इस पार्क से विशेष लगाव रहा है। दर्जनों की संख्या में बच्चे हर दिन इस पार्क में पहुंचते थे और भाग- दौड़ करते थे। झूला खुलने से लेकर दौड़ने और खेलने का काम बच्चे इसी पार्क में करते थे।
यह सब बच्चे उस समय करते थे, जब पार्क हरा- भरा नजर आता था। झूले की व्यवस्था थी। चारो तरफ हरियाली का नजारा नजर आता था, लेकिन अब तो बच्चे की भाग- दौड़ दिखती है और ही झूला और हरियाली ही रह गया है। दैनिक भास्कर द्वारा पार्क के सौदर्यीकरण के लिए शुरू किए गए अभियान में अब बड़ों के साथ- साथ बच्चे भी शामिल हो गए है। गुरुवार को बच्चों ने बीसीसीएल सीएमडी से कहा कि अंकल पार्क के लिए एनओसी दे दीजिए या इसे दुरुस्त करा दीजिए।
या इस पार्क को आप ही बनवा दीजिए। नगर निगम पार्क के जीर्णोद्घार के लिए पहले तैयार था, लेकिन एनओसी नहीं मिलने के कारण उसने भी योजना को स्थगित कर दिया है।
पार्क की वीरानी ने बच्चों को मुहल्ले में कैद कर दिया है। वे पार्क में ही खेलने जाते थे, पर अब एनओसी के चक्कर में उन्हें रोका जा रहा है। पार्क पर ध्यान दें। रौनकशर्मा
नेहरूपार्क बनना चाहिए। कैसे बनेगा, इससे फर्क नहीं पड़ता। बीसीसीएल, नगर निगम या फिर सांसद, विधायक कोई भी इस काम को करें। शिवम शर्मा
सौदर्यीकरण होना चाहिए। बच्चे खेलने, घूमने कहां जाएंगे। बाकी सब जगह तो कोयला है। सीएमडी अंकल को इस ओर ध्यान देना चाहिए। बच्चों की बात कम से कम मान जाइए। आयुष कुमार
सौदर्यीकरण के लिए सामूहिक प्रयास होना चाहिए। इससे पार्क फिर से जिंदा हो सकता है। निगम चाह, तो एनओसी भी मिल जाएगा। अभिषेक कुमार
बच्चे कहां जाएंगे
पार्क वीरान हो गया हैं कोई और पार्क या मैदान नहीं है, जहां इस इलाके के बच्चे खेलने जाए। यह कोई क्यों नहीं समझ रहा है। पार्क के सौदर्यीकरण के लिए अब क्या बच्चों को भी सड़क पर उतरना होगा। बनवा दीजिए पार्क। सज्जन कुमार।