धनबाद। पेयजल स्वच्छता विभाग की मिसिंग पाइप राउंड धनबाद योजना को तकनीकी स्वीकृति मिल गई है। इस योजना के तहत धनबाद शहर के वैसे इलाकों में पाइप लाइन बिछायी जाएगी, जहां मैथन जलापूर्ति योजना की पाइप लाइन पूरी तरफ से नहीं बिछ पाई है। सड़क तक आकर समाप्त हो गई पाइप को मुहल्ले तक बढ़ाया जाएगा।
इस योजना का लाभ मैथन जलापूर्ति योजना से अब तक वंचित 78 मुहल्लों को मिलेगा। विभाग शहर के 40 किमी क्षेत्र में मिसिंग पाइप लाइन पर काम करेगा। पूरी योजना पर 6.37 करोड़ रुपए खर्च होंगे। योजना के डीपीआर को तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद विभाग टेंडर की प्रक्रिया में जुटा है। विभाग मार्च के पहले सप्ताह तक इस योजना का टेंडर निकाल सकती है।
मिसिंग पाइप राउंड धनबाद योजना को तकनीकी स्वीकृति मिल गई है। इस योजना के तहत 78 नए मुहल्लों में मैथन का पानी पहुंचाना है। शहर के 40 किमी क्षेत्र के दायरे में इस योजना के तहत काम होगा। शहर के उन इलाकों में पाइप लाइन बिछेगी, जहां अब तक किसी कारण पाइप लाइन नहीं बिछ पाई है। संजयकुमार, कार्यपालक अभियंता, पेयजल स्वच्छता विभाग धनबाद
इस योजना का लाभ सबसे अधिक पांडरपाला इलाके को मिलेगा। विभाग ने बताया कि इस योजना के तहत पांडरपाला के 14 किमी क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाई जाएगी। बैंकमोड़, बरमसिया, मनईटांड, सरायढेला, वासेपुर, मुरलीनगर, बारामुड़ी धनसार सहित 78 अन्य मुहल्लों में भी पाइप लाइन बिछेगी।
8 माह होगी कार्य अवधि : पूर्वमंत्री मन्नान मल्लिक ने इस योजना की जरूरत पर बल दिया था। मन्नान मल्लिक की पहल पर पेयजल स्वच्छता विभाग ने इस योजना का डीपीआर सितंबर 2014 में बनाया था। तकनीकी स्वीकृति के लिए डीपीआर रांची मुख्यालय भेजा गया था। योजना के तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद विभाग एकबार भी इस योजना को लेकर सक्रिय है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद 8 माह में यह योजना पूरी की जाएगी।
8 हजार घरों को मिलेगा पानी: इस योजना के पूरा होने से शहर के 78 मुहल्लों तक मैथन का पानी पहुंचेगा। विभाग के अनुसार करीब 8 हजार वंचित परिवार को मैथन जलापूर्ति का लाभ नसीब होगा। इससे शहर में जलसंकट का निदान निकलेगा।
पेयजल स्वच्छता विभाग के अनुसार शहर के कई इलाकों में आधी अधूरी पाइप बिछी है। किसी मुहल्ले की सड़क पर आकर पाइप खत्म हो गई तो कहीं मुहल्ले के दो घर के बाद ही पाइप लाइन गायब है। कई ऐसे जगह भी मिले, जहां सड़क के एक तरफ और दूसरे तरफ पाइप लाइन बिछी है, पर सड़क की चौड़ाई के हिस्से में चंद फीट पाइप नहीं है। इस योजना के तहत मुहल्ले में मिसिंग पाइप स्थल खोज कर वहां पाइप बिछाना है।