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बोनस से बच्चे चाहते हैं सैर-सपाटा, पत्नी को चाहिए सोना
हरमाह निश्चित वेतन। इसी से बच्चों की फीस, राशन-पानी का खर्च, गाड़ी का पेट्रोल और आपात स्थिति के लिए मेडिकल अन्य खर्चे। साल में सिर्फ एक मौका ही ऐसा ही है, जब संबंधित कंपनियां बोनस के रूप में एक ऐसी अतिरिक्त आमदनी देती हैं, जिस पर सैर-सपाटा या फिर महंगे सामान की खरीदारी का स्कोप बनता है। टिस्को ने अपने कर्मचारियों को बोनस दे दिया है। बीसीसीएल का संभवत: शनिवार को बोनस भुगतान हो जाएगा। सेल इस मामले में थोड़ा पीछे है। सेलकर्मियों के बोनस पर फैसला 15 अक्टूबर को होना है। टिस्को के कर्मचारी बोनस की रकम को अपनी योजनाओं के मुताबिक खर्च करना आरंभ कर दिया है, वहीं बीसीसीएल के कर्मचारियों उनके परिजनों का भी प्लान तैयार हैं। सेल कर्मी अब दिवाली के अनुसार अपनी योजना बना रहे हैं। बोनस की रकम को लेकर सबसे ज्यादा उत्साहित कर्मियों की प|ी और बच्चे हैं। बच्चे सैर-सपाटे पर जोर दे रहे हैं तो प|ियों जेवर खरीदने के लिए पतियों को मना रही हैं।
टिस्को में 43 हजार रुपए बोनस
चासनाला वाशरी में 18 हजार की उम्मीद
बीसीसीएल में ~40 हजार बोनस
चासनाला कोल वाशरी के कर्मी हैं वशिष्ठसिंह। वेवाशरी की लेबोरेट्री में सीनियर केमिस्ट के पद पर तैनात हैं। पेंच और वार्ता विफल रहने के कारण इस बार सेलकर्मियों का बोनस का मसला 15 अक्टूबर तक स्थगित हो गया है। वशिष्ठ और उनके परिजनोें का कहना है कि दुर्गापूजा से पूर्व बोनस मिलने की आस थी। वेतनमद का पैसा भी लगभग खत्म हो चला है। दुर्गापूजा की खरीदारी नहीं हो पाई है। खैर, दुर्गापूजा फीकी जाएगी, यह अफसोस रहेगा, परंतु दिवाली धमाकेदार रहेगी। 18270 रुपए बोनस मिल सकता है। दीवाली में खूब आतिशबाजी करेंगे। वशिष्ठ की प|ी सुनीता सिंह का कहना है कि इस बार दिवाली का आनंद उठाया जाएगा।
राजेंद्र राणा टिस्कोकर्मीहैं। झरिया डिवीजन में असिस्टेंट सर्वेयर के रूप में कार्यरत हैं। जामाडोबा 4 नंबर में सपरिवार रहते हैं। उन्हें 43 हजार बोनस मिला है। उनका कहना है कि बोनस की रकम का एक हिस्सा खर्च हो चुका है, परंतु दिली इच्छा है कि शेष बची राशि को बचाकर रखूं ताकि सपरिवार वैष्णोदेवी जाने का कार्यक्रम बना सकूं। उनकी छोटी बेटी सुनीता ने बोनस की रकम से ही अपनेे लिए दो-दो महंगे सूट खरीद लिए हैं, जबकि बेटे पवन ने भी जींस और शर्ट। प|ी भी अपन पसंद की साड़ी खरीद चुकी हैं। बच्चों ने कहा कि