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डाककर्मी के घर डकैती एफआईआर लूट की

7 वर्ष पहले
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धनबादथाना क्षेत्र के अंबेडकर नगर में गुरुवार शाम सात बजे डाककर्मी अर्जुन राम के घर में डकैती की घटना हुई, लेकिन पुलिस ने भुक्तभोगी पर दबाव देकर अपराधियों की संख्या कम बता कर लूट का एफआईआर की। पुलिस मैनुअल में डकैती की घटना सबसे बड़ा अपराध माना जाता है, इसलिए अधिकांश डकैती के मामले में पुलिस लूट की एफआईआर करती है। डकैती की घटना में अपराधियों की संख्या पांच या उससे अधिक दर्शाया जाता है। जबकि लूट की घटना में अपराधियों की संख्या चार उससे कम लिखा जाता है। डकैती की घटना में थानेदार को वरीय अधिकारी की ओर से विभागीय कार्रवाई के तौर पर सेंसर दिया जाता है, जबकि चोरी लूट की घटना को आम अपराध माना जाता है।

डकैतघुसे पांच, एफआईआर में चार

गुरुवाररात को जब पुलिस भुक्तभोगी के घर पहुंची तो वहां घर की महिलाओं बच्चों ने कहा था कि उनके घर में पांच अपराधी आए थे और डकैती की घटना को अंजाम देकर चले गए। एक अपराधी दरवाजा पर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था, जबकि बाकी चार अपराधी परिजनों को बंधक बना कर डकैती की घटना को अंजाम दे रहे थे। पकड़े जाने की डर से दरवाजा पर निगरानी कर रहा अपराधी घर के भीतर गया और कहा कि शीघ्र चलो वरना कोई जाएगा। पुलिस भी सकती है। फिर पांचों अपराधी रुपए जेवरात बटोर कर चले गए। सूचना पाकर दो घंटे बाद पुलिस पहुंची।

इंस्पेक्टर पर होगी कार्रवाई

^धनबादथाना प्रभारी के कहने पर ही ओडी अफसर ने आवेदन लिखवाया होगा। डकैती की घटना को अगर लूट में एफआईआर की गई है तो यह गंभीर मामला है। थानेदार अनुसंधानकर्ता पर विभागीय कार्रवाई होगी। मामले की जांच की जाएगी।\\\'\\\' लक्ष्मणप्रसाद सिंह, जोनलआईजी बोकारो

पुलिस कहती गई, मैं लिखता गया आवेदन

हेडपोस्ट ऑफिस में कार्यरत क्लर्क अर्जुन राम ने कहा कि थाना में पुलिस जैसे-जैसे कहती गई, मैं उसी तरह आवेदन लिखता गया। मैंने पुलिस को कहा कि अपराधी पांच थे, लेकिन पुलिस ने जबरन चार लिखवाया। मुझे मालूम है कि रुपए और जेवरात मिलने वाले नहीं है, लेकिन मंैने अपना कर्तव्य निभाया है।



अब पुलिस का काम है, अपराधी पकड़ना संपत्ति बरामद करना।