आग से बचेगी, तभी झरिया बनेगी स्मार्ट
किसीभी शहर को स्मार्ट सिटी स्मार्ट प्लानिंग से ही बनाया जा सकता है। शहर के लोगों की सोच पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है, लेकिन उस शहर को स्मार्ट बनाना आसान नहीं है, जो आग की ढेर पर बसा हो। जमीन के नीचे आग वर्षों से लगी है। इसकी रोकथाम के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किया गया, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। शहर को नए सिरे से बचाने के लिए 60 हजार करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट बनाया गया, जिस पर काम भी हो रहा है, लेकिन उसकी रफ्तार से शहर के लोग संतुष्ट नहीं हैं। शहर के आसपास बसे कुछ लोगों को झरिया विहार में बसाया जरूर गया है। विस्थापन और पुनर्वास झेल रहे इस शहर में समस्याएं बहुत हैं। जाम, सड़क का छोटा होना और गंदगी इस शहर की बड़ी समस्या है। लोगों को पानी के लिए परेशान रहना पड़ता है। साफ- सफाई की स्थिति बहुत खराब है।
स्मार्ट सिटी बनाने के लिए पहले इन समस्याओं से शहर को मुक्त करना होगा।
^ स्मार्ट सिटी में नगर निगम की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। राज्य सरकार निगम को संसाधन उपलब्ध कराए। केन्द्र का यह प्रयास सराहनीय है। कुंतीसिंह, विधायकझरिया।
^मेरे वार्ड में सफाई और बीपीएल कार्ड का वितरण नहीं होना बड़ी समस्या है। गरीबों के लिए धरना दे चुका हूं। सफाई के लिए कई बार पत्र लिखे हंै। सुमितादत्ता, वार्डनंबर 39।
^राजा तालाब की सफाई को लेकर दो वसे संघर्ष कर रहा हूं। यह संघर्ष अब भी जारी है। सतमोड़वा में बना बड़ा नाला वार्ड में एक बड़ी समस्या है। अनूपसाव, वार्डनंबर 37।
^वार्ड में पेयजल की समस्या के समाधान के लिए मैंने अपना अब तक का मानदेय लौटाने का प्रस्ताव दे चुका हूं, लेकिन स्वीकार नहीं किया गया। बबीताअग्रवाल, वार्डनंबर 44।
कंेद्र का प्रयास अच्छा
मैंने धरना तक दिया
मेरा संघर्ष जारी है
मानदेय देने को तैयार
{वार्डोंं में हो सफाई की बेहतर व्यवस्था जरूरी
{वार्डों में पेयजल की व्यवस्था की जाए।
{बीपीएल को दिया जाए कार्ड।
{वार्डों से हाई वोल्टेज तार को हटाया जाए
{वार्ड में बनाया जाए ड्रेनेज सिस्टम।
वार्डोंं का एजेंडा
शहर का एजेंडा
{सड़क जाम का स्थायी समाधान
{पेयजल समस्या को दूर किया जाए।
{पुनर्वास कार्य में तेजी लाया जाए।
{सड़क से अतिक्रमण हटाया जाए।
{भूमिगत आग को रोका जाए।
{ सफाई व्यवस्था में हो सुधार।
स्मार्ट प्लानिंग से बनेगी स्मार्ट सिटी