धनबाद। सिंदरी में गैर विवादित जमीन की किल्लत बता स्टील प्लांट से हाथ खींचने के सेल की घोषणा ने आखिरकार राज्य सरकार की नींद तोड़ डाली और मुख्यमंत्री रघुवर दास को ठोस कदम उठाने के लिए बाध्य कर दिया। सीएम ने मंगलवार को रांची में सिंदरी के पुनरुद्धार के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है।
इसमें सेल के एमडी के अलावा उत्तरी छोटानागपुर के आयुक्त, धनबाद बोकारो डीसी, एफसीआई के प्रबंधक, मुख्य सचिव, गृह सचिव, उद्योग सचिव समेत अन्य अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में तय होगा कि सिंदरी को संजीवनी मिलने में रही बाधा को कैसे दूर किया जाए। सिंदरी को सेल के उस प्रस्ताव से बड़ी आस जगी थी, जिसमें वहां स्टील के साथ पावर प्लांट की स्थापना की जानी थी।
बंद चुकी खाद फैक्ट्री भी इस पैकेज के जरिए फिर से खुल जाती। जाहिरन इससे जहां नियोजन, औद्योगिक चहल-पहल और सरकारी राजस्व के रास्ते खुलते, वहीं सिंदरी की दशा-दिशा फिर से बदल जाती। बैठक में सेल अधिकारियों को सीएम आश्वस्त करेंगे कि वे प्लांट लगाएं। राज्य सरकार उन्हें 3 हजार एकड़ जमीन मुहैया कराएगी।
10 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा, जबकि 5 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा।
माडा को बाजार फीस के साथ सरकारी राजस्व में भी इजाफा।
अवैध कब्जा हटाने को पीडीआईएल के एजीएम एस पुथ्थल को राष्ट्रपति ने मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। सिंदरी में 6650 क्वार्टर हैं, जिसमें से 3 हजार पर अवैध कब्जा है। उनमें रहनेवालों ने मजिस्ट्रेट के नोटिस के जवाब में कहा कि प्रशासन जब कहे, वे क्वार्टर छोड़ने को तैयार हैं।
हालांकि एफसीआई के पूर्व कर्मचारियों उनके परिजनों ने पुनर्वास नहीं होने की सूरत पर क्वार्टर छोड़ने से इनकार कर दिया है।
सिंदरी में 6600 एकड़ सरकारी जमीन है। इसमें 750 एकड़ में बंद यूरिया फैक्ट्री फैली हुई है। वहीं लगभग 27 सौ एकड़ में कॉलोनियां हैं। अगर सरकार ने अपनी जमीन का आधा हिस्सा भी सेल को उपलब्ध कराने में कामयाब रही तो वहां स्टील पावर प्लांट की स्थापना के साथ एक बार फिर फर्टिलाइजर फैक्ट्री खोली जा सकती है।
6600
सीएम की बैठक के आलोक में हजारीबाग कमिश्नर ने धनबाद डीसी को सिंदरी में सरकारी जमीन को चिह्नित करने का निर्देश दिया था। डीसी रविवार को सिंदरी पहुंचे और बंद फैक्ट्री की जमीन के साथ इर्द-गिर्द, दामोदर के किनारे के साथ कॉलोनियों की वीडियोग्राफी भी कराई थी। जमीन की वीडियोग्राफी की सीडी बैठक में सीएम को भी दिखाई जाएगी।
सिंदरी में प्रस्तावित स्टील पावर प्लांट के लिए सेल ने राज्य सरकार से 3 हजार एकड़ ऐसी जमीन मांगी थी, जो विवादित हो और अतिक्रमण से मुक्त हो। सेल के प्रपोजल पर एफसीआई के साथ राज्य सरकार ने भी सर्वे कराया था। पता चला कि सरकारी जमीन पर 26 बस्तियां अवैध ढंग से बसी हैं। सेल को यह भी लगा कि जमीन को खाली कराने में समय भी लगेगा और परेशानी भी होगी।