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कम राजस्व वसूली को लेकर छह को शोकाॅज

6 वर्ष पहले
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धनबाद| धनबाद में बिजली संकट सोमवार को भी बेहाल रहा। डीवीसी ने 4 से 5 घंटे की शेडिंग की। डीवीसी की शेडिंग सुबह में 8 बजे से शुरू हुई। दिन के 10 बजे बिजली लौटी, पर टिक कर नहीं रह सकी। बिजली का आना-जाना लगा रहा।
शाम में भी शेडिंग का दौर चला। दो घंटे पावर कट रहा। बिजली संकट ने जलापूर्ति व्यवस्था को लगातार दूसरे दिन भी प्रभावित किया। भेलाटांड़ वाटर प्लांट के क्षेत्र में सुबह से ही बिजली गुल रही। सुबह 5:20 बजे से 6:25 बजे तक बिजली घरों से दूर रही। सुबह में 8 से 10 तक शेडिंग चला। दोपहर 12:40 बजे बिजली कटी और 15 मिनट बाद लौटी।
शाम में 4 से 6 बजे तक पुन: पावर कट रहा। बिजली बेहाल होने के कारण पेयजल स्वच्छता विभाग गोल्फ ग्राउंड, मनईटांड, गांधीनगर, भूदा, धनसार, स्टील गेट और मेमको टावर से जुड़े क्षेत्रों में पानी सप्लाई नहीं कर सका।
बिजली विभाग का राजस्व तीन माह में सबसे नीचे गया है। जनवरी माह में धनबाद एरिया बोर्ड (झारखंड बिजली वितरण लिमिटेड, धनबाद) को करीब 36 करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य मिला था। धनबाद अंचल को 23.03 करोड़ और चास अंचल को 12 करोड़ रुपए का लक्ष्य प्राप्त करना था। दोनों ही अंचल लक्ष्य से दूर रह गए।
धनबाद अंचल ने तीन माह में सबसे कम 21.03 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया, वहीं चास अंचल 8.03 करोड़ रुपए ही जुटा पाया। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की बैठक में इसकी चर्चा हुई। एमडी केके वर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारियों ने धनबाद एरिया बोर्ड को फटकार लगाई।
मुख्यालय के तेवर से धनबाद के अफसरों के हाथ-पांव फूल गए हैं। जीएम धनेश झा ने दो दर्जन बिजली अधिकारियों को शो कॉज किया है। उन्होंने उनसे राजस्व उगाही की इस गिरावट का कारण पूछा है। अधिकारियों को जल्द ही स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।