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पत्नी से कहा-साथ रहना है तो हमारा धर्म अपनाओ

7 वर्ष पहले
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धनबाद. तारा शाहदेव से मिलते-जुलते मामले की पुनरावृत्ति चंदनकियारी में हुई। धनबाद के लोको बाजार पाथरडीह की रहने वाली कलावती को बोकारो के चंदनकियारी में रहने वाले मंजूर आलम ने पहले दीपक बनकर प्रेमजाल में फांसा। फिर शादी रचाई। शादी के बाद मंजूर ने सच्चाई छुपाए रखने के लिए कलावती को अपने घर में रखकर बोकारो के चीरा चास के एक फ्लैट में रखा। इसी बीच यह भी भेद खुला कि उसका पति पहले से ही शादी-शुदा है। वह दूसरे समुदाय का है।
भेद खुलने के बाद मंजूर यह कहते हुए कलावती को प्रताड़ित करने लगा कि उसे निकाह करना होगा। हमारा धर्म अपनाना होगा। तभी वह उसके साथ रह सकती है। पति का असली चेहरा सामने आने के बाद हैरान-परेशान कलावती ने निकाह करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पति की प्रताड़ना बढ़ गई। इसके बाद कलावती शनिवार को चंदनकियारी थाना पहुंची और पति की कारस्तानी कह सुनाई। कलावती के फर्दबयान पर मंजूर आलम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पहली पत्नी के फोन से खुला राज

कलावती से शादी रचाने के बाद मंजूर उसे कभी अपने साथ गांव नहीं ले गया था। चास के जिस फ्लैट में उसे रखा गया था, वहीं एक बार मंजूर के मोबाइल में एक कॉल आया। कॉल कलावती ने रिसीव किया। उधर से कहा गया कि वह मंजूर की बीवी बोल रही है। उससे बात कराओ। इसी फोन कॉल से राज खुला कि जिसे वह दीपक समझ रही थी, वह वास्तव में मंजूर है और धोखे में रखकर उससे शादी कर ली।

मंजूर पर यौन शोषण की प्राथमिकी दर्ज

कलावती की लिखित शिकायत पर चंदनकियारी थाने में जो मामला दर्ज हुआ है, उसमें मंंजूर पर यौन शोषण और मारपीट की धाराएं लगाई गई हैं। शिकायत में कहा गया कि यौन शोषण करने के लिए मंजूर ने खुद को दीपक बता उससे शादी की। फिर भेद खुलने के बाद मारपीट करने लगा। साथ रहने के लिए शर्त रख दी कि उसे उसका धर्म अपनाना होगा।

मंजूर आलम के खिलाफ झांसा देकर यौन शोषण तथा मारपीट करने का मामला दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। कलावती ने बताया कि आरोपी ने पहले उसके पिता से दोस्ती की। फिर उस तक पहुंचा। - रामचंद्र राम, चंदनकियारी थानेदार

मंजूर के गांव गई तो कर दी गई पिटाई

चंदनकियारी के महाल गांव में मंजूर का आवास है। मंजूर ने धोखे से उनके पिता के जमीन के कागजात भी ले लिए थे। पति का भेद खुलने के बाद कलावती जब अपने पिता के साथ जमीन के कागजात वापस लेने महाल गई तो मंजूर ने दोनों की पिटाई कर दी। धमकी भी दी कि फिर गांव आई तो दोनों को जान से मार देंगे।

पाथरडीह लौट आई कलावती

पतिमंजूर का असली चेहरा सामने आने के बाद टूट चुकी कलावती वापस लोको बाजार पाथरडीह स्थित अपने पिता के घर लौट आई है। उसे समझ में नहीं रहा कि जिसे उसने अपना सबकुछ माना, उसने धोखे में रखकर उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी। कलावती को अब सिर्फ इंसाफ का इंतजार है।

कलावती के पिता से ठगे 8 लाख रुपए

कलावती से शादी रचाने के बाद मंजूर नहीं थमा। उसने कलावती के पिता महाजन ठाकुर को इलेक्ट्रो स्टील में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया और 8 लाख रुपए ठग लिए। उन्हें तो नौकरी मिली और ही महाजन को उनके पैसे लौटाए गए। मंजूर ने महाजन से दोस्ती गांठने के बाद उसकी बेटी को दीपक बनकर प्रेमजाल में फांसा था।