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- 45 दिनों में हाथ से ही उखड़ने लगी 7 करोड़ रुपए की सड़क
45 दिनों में हाथ से ही उखड़ने लगी 7 करोड़ रुपए की सड़क
7करोड़ रुपए खर्च कर सड़क बनाई गई, लेकिन यह डेढ़ महीने में ही उखड़ने लगी है। सड़क पर जहां हाथ लगाया जाता है, यह वहीं से टूट जा रही है। बात हो रही है गोविंदपुर-टुंडी रोड की। इसका निर्माण पीडब्ल्यूडी रोड डिवीजन ने कराया था, लेकिन इस बहाने अफसरों और ठेकेदारों ने मिलकर जनता की कमाई की बंदरबांट ही की है। नक्सल प्रभावित इलाके टुंडी में घटिया सड़क बनवा कर अफसरों ने वहां का विकास बाधित ही किया है। जब इस बारे में विभाग के अफसरों को बताया गया, तो वे लापरवाही भरे लहजे में कहने लगे कि ऐसा हो ही नहीं सकता। उनका कहना भी लाजिमी है, आखिर सात करोड़ रुपयों में उनका भी तो कुछ हिस्सा होगा ही। तभी तो उन्होंने आरबी कंस्ट्रक्शन कंपनी को घटिया सड़क बनाने की छूट दे दी थी। दैनिक भास्कर की टीम ने देखा कि सड़क से काफी मात्रा में गिट्टी निकल रही है। ग्रामीण उन्हें टोकरी में भर कर ले जाते हैं। सड़क में कैसा मैटेरियल डाला गया है, इन गिट्टियों को देखकर समझा जा सकता है।
^तकनीकी समस्या है। दो दिनों में मरम्मत करवा देंगे। अगर इस बार कोई गड़बड़ी होती है, तो बाहर से एक्सपर्ट को बुलाएंगे। प्रकाशकुमार सिंह, कार्य. अभि. रोड डिवीजन
^सड़क में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। अगर हुई है, तो मुझे इसकी जानकारी नहीं है। सड़क खराब होती, तब तो हमें पता चलता। -बाला प्रसाद, रोड डिवीजन
250 जगह फटी सड़क
गोविंदपुरसे टुंडी के बीच 28 किमी लंबी सड़क करीब 250 जगहों पर फटी दिखी। कई जगहों पर तो यह10-10 इंच तक फटी दिखी। उन जगहों पर बाइक के चक्के फंस जा रहे हैं, जिससे हादसे हो रहे हैं। 200जगहों पर सड़क धंसी हुई भी है।
70 चिप्पियां मिलीं
सड़कइतनी घटिया बनाई गई है कि उसपर अभी से चिप्पियां लगाने की जरूरत पड़ रही है। दैनिक भास्कर की टीम ने गोविंदपुर से टुंडी तक सड़क पर लगी चिप्पियाें को गिना। 28किमी की सड़क में 70 बड़ी चिप्पियां मिलीं।
130 गड्ढे जानलेवा
सड़कमें 130 बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढे भी बन गए हैं। उनकी वजह से हर दिन चार-पांच हादसे हो रहे हैं। इधर, विभाग के एसडीओ बाला प्रसाद का कहना है कि सड़क में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। सड़क उन्हीं की देख-देख में बनाई गई है।
इलाके के लोगों की शिकायत पर दैनिक भास्कर की टीम ने गोविंदपुर टुंडी सड़क का जायजा लिया। टीम ने अपनी पड़ताल में देखा कि सड़क में जहां भी हल्का हाथ लगाया गया, वह वहीं से उखड़ जा रही थी। सड़क के सबसे सशक्त भाग में जब बेहद कमजोर डंडे से हिलाया गया, तो अपने-आप सड़क उखड़ने लगी। सुनने में यह थोड़ा अजीब जरूर लगता है, लेकिन सच्चाई यही है कि अधिकारी ईमानदारी से अगर जांच करें, तो इसमें कई भ्रष्ट अधिकारी बेनकाब हो जाएंगे।