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आरपीएसएफ कमांडेंट के बैंक खातों में जमा मिले 37 लाख

7 वर्ष पहले
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धनबाद। रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (आरपीएसएफ) 10वीं बटालियन के कमांडेंट शांति प्रकाश वशिष्ठ के दिल्ली के रोहिणी वेस्ट सेक्टर-13 स्थित मॉडर्न अपार्टमेंट के फ्लैट समेत तीन अन्य ठिकानों पर भी धनबाद सीबीआई ने छापा मारा। फ्लैट से 5 लाख रुपए नकद मिले। पैसों को सीबीआई ने जब्त कर लिया। इसके अलावा 10 बैंक खातों से जुड़े कागजात भी मिले। उसमें 37 लाख रुपए जमा मिले। वहीं दिल्ली स्थित आवास से सीबीआई को चल-अचल संपत्ति के भी दस्तावेज मिले, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया है।
कमांडेंट ने अपने परिजनों के नाम पर निवेश भी कर रखा है। निवेश से जुड़े कुछ कागजात भी सीबीआई के हाथ लगे हैं। चल-अचल संपत्ति का आकलन शुरू कर दिया गया है। सीबीआई पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कमांडेंट के पास मिली चल-अचल संपत्ति की कीमत क्या है। वहीं यह जानने की भी कोशिश हो रही है कि अपने सर्विस कैरियर में वेतन समेत अन्य मदों में वशिष्ठ को कितने रुपए का भुगतान मिला। अगर भुगतान से ज्यादा की संपत्ति मिली तो उनके विरुद्ध आय से अधिक आमदनी का भी मामला दर्ज किया जाएगा। फिलवक्त उनके विरुद्ध घूसखोरी की प्राथमिकी दर्ज हुई है।

आरपीएसएफ 10वीं बटालियन के स्टेशन रोड स्थित आफिस में सीबीआई ने उन दोनों कांस्टेबलों की फाइलों को ढूंढ़ निकाला, जिन पर हस्ताक्षर करने के एवज में कमांडेंट 10-10 रुपए की रकम बतौर घूस मांग रहे थे। कांस्टेबल मुकेश कुमार और पीके कायल ने पीएमई के दौरान लीव पीरियड के वेतन, एरियर समेत अन्य भुगतानों के लिए आवेदन दे रखा था। उन आवेदनों पर कमांडेंट ने कुंडली मार रखी थी। अब सीबीआई उन फाइलों को ट्रायल के दौरान अदालत में पेश करेगी।

ऑफिस में मिली कांस्टेबलों की फाइल: सीबीआई के हत्थे चढ़े कमांडेंट वशिष्ठ 58 साल के हैं। वे जून 2016 में सेवा से रिटायर होते। 20 दिसंबर 1994 को उन्हें रेलवे में नौकरी मिली थी। 23 जुलाई 2012 को उन्हें इंस्पेक्टर से सहायक समादेष्टा में प्रोन्नति मिली थी। दिल्ली में असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में पहली तैनाती मिली।
वहां से उन्हें गोरखपुर आरपीएसएफ की द्वितीय बटालियन की जिम्मेवारी मिली। 2013 में बतौर कमांडेंट उन्हें धनबाद में पहली तैनाती सौंपी गई। बाद में उन्हें लामडीह (असम) और न्यू जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) के कमांडेंट का भी अतिरिक्त प्रभार सुपुर्द किया गया था। गिरफ्तारी के बाद वशिष्ठ को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है।

जून 2016 में रिटायर होंगे वशिष्ठ, हुए सस्पेंड: घूसखोरी के आरोप में पकड़े गए कमांडेंट वशिष्ठ को सीबीआई ने सोमवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश विजय कुमार शर्मा की अदालत में प्रस्तुत किया। सीबीआई ने आरोपी की तीन दिनों की रिमांड मांगी। सीबीआई के अनुरोेध पर अदालत मंगलवार को फैसला करेगा। अदालत ने आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सीबीआई ने रविवार की शाम धनबाद स्टेशन रोड स्थित आरपीएसएफ ऑफिस के समीप ही मौजूद आवास से ही कमांडेंट को दो कांस्टेबलों के 20 हजार रुपए घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था। इस संबंध में रविवार को ही वशिष्ठ के खिलाफ पीसी एक्ट की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
दिल्ली के आवास से 5 लाख रुपए की नकदी समेत चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज जब्त।
- आय से अधिक कमाई मिली तो दर्ज होगा एक और केस ।

- भेजे गए जेल, सीबीआई ने मांगी रिमांड
(धनबाद कोर्ट में पेशी के दौरान आरपीएसएफ के कमांडेंट।)