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टेक्सटाइल मार्केट का निर्माण अवैध

7 वर्ष पहले
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सीओ ने सुप्रीम कोर्ट को भेजी रिपोर्ट

साढ़ेतीन वर्षों से टेक्सटाइल मार्केट के मालिकाना हक के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। सीओ ने शीर्ष अदालत को रिपोर्ट भेजी है कि मार्केट का निर्माण अवैध है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस जमीन पर मार्केट बना है, वह सरकार की है। उसपर अतिक्रमण कर निर्माण कराया गया है। जमीन पहले जिला परिषद की थी, जिसे वर्ष 1951 में रोड डिवीजन को ट्रांसफर कर दिया गया था। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मालिकाना हक के दोनों दावेदारों, जिला परिषद और कोयलांचल सहकारी गृह निर्माण समिति काे अंचलाधिकारी के कोर्ट में दलीलें रखने को कहा था। साथ ही सीओ को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सीओ ने सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट भेज दी। सुप्रीम कोर्ट अंतिम निर्णय 18 नवंबर को सुना सकता है।

रोड डिवीजन को नहीं है जमीन हस्तांतरित करने का अधिकार

^जमीन किसकी है, यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट को करना है। मुझे दोनों पक्षों को सुनकर रिपोर्ट भेजने का आदेश सुप्रीम कोर्ट से मिला था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मैंने पाया कि टेक्सटाइल मार्केट का निर्माण सरकारी जमीन पर हुआ है। इसीलिए जिला परिषद ने जो कार्रवाई की है, वह सही है। मैंने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट भेज दी है। -दिनेश रंजन, सीओ, धनबाद अंचल

^अंचलाधिकारी(सीओ) ने सुप्रीम कोर्ट को जो रिपोर्ट भेजी है, उसके मुताबिक सीओ ने यह नहीं कहा है कि यह जमीन जिला परिषद की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्केट का निर्माण जिस जमीन पर हुआ है, वह रोड डिविजन की है। रिपोर्ट में ऐसा कहीं नहीं कहा गया है कि मार्केट की जमीन हमारी नहीं है। -सुरेश कुमार खेतान, सचिव, कोयलांचल सहकारी गृह निर्माण समिति