धनबाद। भारत में लोकतंत्र हिन्दुत्व पर निर्भर है। जिस दिन भारत से हिन्दुत्व समाप्त हो जाएगा उसी दिन जनतंत्र का भी अंत हो जाएगा। यह बात रविवार को जिला परिषद मैदान में विश्व हिन्दु सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद और विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ नेता महावीर विश्वकर्मा ने कही।
उन्होंने कहा कि देश हमारा है। हम सभी धर्मों का आदर करते हैं। सभी को अपने धर्म अपनाने की पूरी आजादी है, फिर भी हिन्दुओं को ही साम्प्रदायिक कहा जाता है। चीन,पाकिस्तान, वर्मा, अफगानिस्तान में आज तक लोकतंत्र की स्थापना नहीं हो सकी। भारत की संस्कृति ही इसकी पहचान है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए संत सीताशरण जी महाराज ने कहा कि राम, कृष्ण की इस धरती में वीरों की कमी नहीं है। जरूरत है अपने को जानने और समझने की। हिन्दू जब तक जाति और वर्ग में बंट रहेंगे, तब तक हो एक नहीं हो सकते हैं। जाति से ऊपर उठना होगा। तभी हम अपनी संस्कृति को बचा सकते हैं। सम्मेलन को मोहन सिंह चावला, रंजन सिंह, बैजनाथ गोस्वामी ने भी संबोधित किया।