धनबाद। बिजली फॉल्ट का लोकेशन चंद मिनटों में पता चलेगा। विभाग हर मिनट जान पाएगा लाइन लॉस की स्थिति। बिजली की मांग और पूर्ति की हर जानकारी होगी उपलब्ध। आरएपीडीआरपी के तहत धनबाद की बिजली व्यवस्था अपडेट होगी।
धनबाद में बिजली डाटा कंट्रोल सेंटर बनाने की योजना है। इस योजना का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। डीपीआर को तकनीकी स्वीकृति के लिए रांची भेजा गया है। बिजली डाटा कंट्रोल सेंटर का भवन 18 सौ स्क्वायर फीट में होगा।
भवन के लिए कोर्ट रोड के पास स्थित जमीन को चिह्नित किया गया है। इस योजना के तहत धनबाद एरिया बोर्ड के सभी सबस्टेशनों को सर्वर से जोड़ा जाएगा। सर्वर के सबस्टेशनों से जुड़ते ही बिजली वितरण व्यवस्था से संबंधित हर जानकारी विभाग के पास रहेगी। योजना को साल 2016 में पूरा होना है।
सर्वर से जुड़ेंगे सबस्टेशन, चंद मिनटों में पता चलेगा फॉल्ट लोकेशन
ट्रांसफॉर्मरों के जुड़ने पर बिजली चोरी लगेगी रोक
32 लाख में बनेगा भवन
बिजलीडाटा कंट्रोल सेंटर के भवन निर्माण में विभाग को 32 लाख रुपए खर्च होंगे। भवन में सर्वर लगेगा। एक बड़ी स्किन लगी रहेगी, जिस पर बिजली की मांग, बिजली की पूर्ति हो रहे लाइन लॉस से संबंधित तमाम जानकारी उपलब्ध रहेगी। मार्च तक भवन निर्माण का टेंडर निकलने की संभावना है।
होगा आउटसोर्सिंग के हवाले
बिजलीडाटा कंट्रोल सेंटर संचालित करने की दो योजनाओं पर विचार हो रहा है। विभाग का कहना है कि संचालन की जिम्मेवारी आउटसोर्सिंग कंपनी को सौंपी जा सकती है। विभाग इसके संचालन के लिए अनुबंध पर कर्मचारियों की नियुक्ति भी कर सकती है।
धनबाद में बिजली डाटा कंट्रोल सेंटर बनाने की योजना प्रस्तावित है। योजना का डीपीआर बन गया है। डीपीआर को स्वीकृति के लिए रांची भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।’’ धनेशझा, महाप्रबंधक, झारखंड बिजली वितरण लिमिटेड, धनबाद।