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फ्रेट कॉरिडोर के लिए ली गई 50 गांवों की जमीन

7 वर्ष पहले
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सरकारी जमीन के अधिग्रहण के एवज में मुआवजा भुगतान के लिए कोषागार में 2 करोड़ रुपए जमा कराए गए

जिले में जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। सरकारी जमीन के अधिग्रहण के एवज में मुआवजे की राशि जिला कोषागार में जमा कराई गई है। विभागों को भुगतान की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। -मनोज कुमार, अपरसमाहर्ता

ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर में मानव रहित रेलवे फाटक नहीं होगा। कोलकाता लुधियाना के बीच 3000 अंडरपास ओवरब्रिज बनेंगे। शहरों के पास स्थित मानव रहित फाटक की जगह ओवरब्रिज, गांव या कम आबादी वाले इलाकों के मानव रहित फाटक की जगह अंडर पास बनाए जाएंगे।

देश में दो फ्रेट कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं - ईस्टर्न और वेस्टर्न। 1392 किमी लंबे ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर पर 52 हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान है। दोनों कॉरिडोर को मिलाकर एक लाख करोड़ का बजट है। डीएफसीसी का अनुमान है कि खर्च इससे कहीं ज्यादा होगा।

सीओ को सौंपी गई गांवों की सूची

डीएफसीसीने अंचलाधिकारियों को अधिगृहीत जमीन का ब्यौरा उपलब्ध करा दिया है। सीओ से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र के गांवों में जमीन के असली मालिक की पहचान कर उन्हें मुआवजा दिलाएं।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर धनबाद जिले के पांच अंचलों से होकर गुजरेगी। इसके लिए बाघमारा, धनबाद, बलियापुर, निरसा और तोपचांची के 50 गांवों में जमीन अधिग्रहण किया गया है। तोपचांची में अधिग्रहण का काम 70 फीसदी हुआ है, बाकी अंचलों में शत-प्रतिशत अधिग्रहण कर लिया गया है।

रैयतोंको भुगतान के लिए खोला गया ज्वाइंट अकाउंट

रैयतोंको मुआवजे के भुगतान में किसी तरह की गड़बड़ी हो, इसके लिए डीएफसीसी और जिला प्रशासन का ज्वाइंट अकाउंट बैंक में खोला गया है। दोनों एजेंसियों के नॉमिनी की सहमति से ही लाभुक को मुआवजे की राशि का भुगतान किया जाएगा।

जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा

गवेंद्र मिश्रा | धनबाद

मालगाड़ियोंके लिए अलग से ट्रेन बिछाने के मद्देनजर धनबाद जिले में जमीन अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया गया है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) ने सभी अंचलाधिकारियों को रैयतों की पहचान कर मुआवजे की राशि सौंप देने को कहा है। मुआवजे के रूप में कुल 90 करोड़ रुपए दिए जाने हैं।

फ्रेट कॉरिडोर के लिए 16 गांवों की सरकारी जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इसका सरकारी मूल्य 22 करोड़ रुपए आंका गया ह