धनबाद। डीटीओकर्मी, निबंधन कार्यालय के कर्मी और बैंककर्मी की मिलीभगत से फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, ऑनर बुक, परमिट, जमीन के कागजात लोन दिलाने का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने पहले फर्जी कागजात के आधार पर वासेपुर की एक छात्रा को लोने दिलाने के मामले में पांडरपाला के युवक साजिद इकबाल को पकड़ा। फिर उसके आधार पर एसडीओ कार्यालय के सामने से वेंडर ओम प्रकाश सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे पकड़ाया मामला : पुलिस ने कहा कि कुछ दिनों पूर्व वासेपुर की एक छात्रा को 3 लाख 80 हजार एजुकेशन लोन की जरूरत थी। उसने साजिद से संपर्क साधा। साजिद ने कहा कि 3650 रुपए लगेगा। युवती ने रुपए दिया। फिर साजिद ने कहा कि बैंक से लोन सेंक्शन हो गया है। साजिद छात्रा को फर्जी कागजात देकर कहा कि एसबीआई मेन ब्रांच बैंकमोड़ जाकर लोन ले सकती है। युवती बैंक गई, जहां कागजात जांच करने पर फर्जी पाया गया।
युवती ने कहा कि उसे यह कागजात साजिद ने दिया है। बैंककर्मी के कहने पर युवती ने साजिद को बुलाया। साजिद जैसे ही बैंक पहुंचा, मामले का भंडाफोड़ हो गया। इसकी सूचना बैंक मैनेजर ने पुलिस को दी और वह पकड़ा गया। साजिद ने कहा कि फर्जीवाड़ा में उसके साथ ओम प्रकाश सिंह भी शामिल हैं। वह विनोद नगर का रहने वाला है। पुलिस साजिद को लेकर एसडीओ कार्यालय के निकट पहुंची और रजिस्टर्ड वेंडर ओम प्रकाश सिंह को पकड़ लिया। उसके पास से दर्जनों फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, ऑनर बुक, परमिट जमीन के कागजात थे।
डीटीओ अवर निबंधक के मुहर भी मिले। कई सादे फॉर्म भी बरामद किए गए। इसमें ओडिशा, छत्तीसगढ़, गोड्डा दुमका के भी परमिट कागजात फर्जी मिले हैं।
जानकारी के अनुसार पुलिस ने साजिद ओम प्रकाश सिंह को 8 दिसंबर को ही पकड़ा था। जबकि पुलिस को एफआईआर दर्ज करने जेल भेजने में दो दिन का समय लग गया। पुलिस मामले को सलटाने में लगी थी, लेकिन सौदा तय नहीं हुआ तो आखिरकार एफआईआर दर्ज कर जेल भेजना पड़ा। कई पुलिसकर्मियों के बीच बैंकमोड़ थाना परिसर में यह गोपनीय तरीके से चर्चा हो रही थी।
साजिद व ओम प्रकाश को भेजा गया जेल : ''साजिद व ओम प्रकाश सिंह को जेल भेज दिया गया है। दोनों के अलावा पांच लोग और हैं, जो इस धंधे में संलिप्त हैं, जिनकी तलाश जारी है। सभी धनबाद के ही विभिन्न इलाकों के रहने वाले हैं। उसके बयान पर एफआईआर दर्ज की गई है। ''-अशोक कुमार सिंह, थानाप्रभारी, बैंकमोड़।
8 को धराए और 10 को जेल गए
(पुलिस की गिरफ्त में फर्जीवाड़े के आरोपी।)