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नवजातों का जीवन बच

7 वर्ष पहले
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पीएमसीएच के सेंट्रलाइज रजिस्ट्रेशन काउंटर पर ओपीडी मरीजों के लिए पर्ची बनाई जाती है। मरीज या उनके परिजन घंटेभर से कतार में खड़े हैं।

नियमत:वहां कर्मी को सुबह 9:00 बजे जाना था, लेकिन 9:45 बजे तक काउंटर पर कोई कर्मी नजर नहीं आया।


नवजातों का जीवन बचानेवाले आईसीयू यानी नवजात गहन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) में सुबह लगातार तीन घंटे बिजली बंद रही। वहां दो नवजातों को अत्याधुनिक उपकरणों के सहारे जीवित रखा गया है। वार्ड में कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था।

क्या कहते हैं मरीज और उनके परिजन

दवा वितरण काउंटर भी खाली

सदर अस्पताल में भी कुव्यवस्था

आईसीयू-एचडीयू

से कर्मी नदारद

ओपीडी में समय पर नहीं आए डॉक्टर

रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भी नहीं मिले कर्मी

एनआईसीयू में गुल रही बिजली

राजीव सिन्हा . 9835236367 . जिलेके सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच और सदर अस्पताल में व्यवस्था बदहाल है। दूर-दराज से इलाज कराने के लिए आनेवाले लोग यहां के डाॅक्टरों और कर्मियों के समय पर ड्यूटी नहीं आने से परेशान रहते हैं। आम लोगों की लगातार शिकायतों को देखते हुए डीबी स्टार की टीम ने बुधवार को दोनों प्रमुख अस्पतालों के ओपीडी का हाल देखा, तो भारी कुव्यवस्था दिखी। पीएमसीएच में बिजली गुल है। आईसीयू, एचडीयू, एनआईसीयू समेत अस्पताल के हर वार्ड में अंधेरा है। आईसीयू और एचडीयू जैसे संवेदनशील वार्डों में डाॅक्टर तो दूर, ट्रेनी एएनएम तक मौजूद नहीं मिलीं। यहां गंभीर रूप से बीमार मरीज भर्ती हैं, लेकिन उन्हें देखनेवाला कोई नहीं है। एक दिन पहले प्रधानमंत्री दौरे के मद्देनजर पीएमसीएच को हाई एलर्ट पर रखने का दावा किया गया था, लेकिन 24 घंटे बाद ही यहां की व्यवस्था टांय-टांय फिस्स हो गई।

भास्कर लाइव

डॉक्टर लापता, कर्मी नदारद बत्ती गुल और मरीज बेहाल

पीएमसीएच सदर अस्पताल में समय पर डॉक्टर आते हैं और अन्य कर्मी, अधिकारी भी बेपरवाह

पीएमसीएच आइसीयू का स्टाफ केबिन, सुबह 9.30 बजे