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धनबाद को रेल बजट ने किया निराश

9 वर्ष पहले
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धनबाद . संसद में मंगलवार को पेश किया गया रेल बजट धनबाद के लोगों के लिए निराशाजनक साबित हुआ। रेलवे को भारी राजस्व देने वाले धनबाद रेल मंडल की रेल मंत्री पवन कुमार ने घोर उपेक्षा की।

नई ट्रेनें तो दूर, धनबाद से होकर गुजरने वाली किसी ट्रेन के फेरे तक बढ़ाने का प्रस्ताव रेल बजट में नहीं है। ट्रेनों के विस्तार के मामले में भी धनबाद को नजरअंदाज किया गया है। हैदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस का विस्तार रक्सौल तक किया गया है। धनबाद से गुजरने वाली किसी ट्रेन का विस्तार नहीं किया गया है।

जनप्रतिनिधियों की नाकामी साबित
रेल बजट ने यह भी साबित किया कि धनबाद के जनप्रतिनिधि सरकार तक जनता की मांगें पहुंचाने में पूरी तरह नाकाम रहे। नई ट्रेनों की लगातार मांगों के बावजूद जनप्रतिनिधि केंद्र पर दबाव नहीं बना सके और धनबाद की झोली पूरी तरह खाली रह गई।

रेल बजट में 67 नई ट्रेनों को चलाने की घोषणा की गई है, लेकिन इनमें से कोई धनबाद के लिए नहीं है। गौरतलब है कि धनबाद से दिल्ली तक सीधी ट्रेन की मांग यहां के लोग वर्षों से कर रहे हैं।


पिछले दिनों धनबाद दौरे पर आए पूर्व-मध्य रेलवे के जीएम मधुरेश कुमार ने भी आश्वासन दिया था कि रेल बजट में धनबाद से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन के लिए वे प्रयास करेंगे। उन्होंने इसकी संभावना प्रबल बताई थी। धनबाद के कारोबारियों को भी उन्होंने यही आश्वासन दिया था।

लेकिन ये सारे आश्वासन बजट पेश होते ही झूठे साबित हो गए। धनबाद को दिल्ली क्या, कहीं के लिए कोई ट्रेन नहीं मिली।


रक्सौल आने-जाने वालों के लिए अच्छी खबर
रेल बजट में 17005/17006 हैदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस का विस्तार रक्सौल तक करने का प्रस्ताव किया गया है। यह ट्रेन अब हैदराबाद से रक्सौल तक जाएगी। धनबाद से रक्सौल आने-जाने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। पहले रक्सौल जाने के लिए लोगों को दरभंगा में ट्रेन से उतरकर सड़क मार्ग से जाना पड़ता था।

इन उम्मीदों पर फिरा पानी
धनबाद से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन
धनबाद से यशवंतपुर के लिए सीधी ट्रेन
एलेप्पी के कोच की संख्या 12 से बढ़ाकर 24 करना
मौर्या के 14 कोच को बढ़ाकर 18 करना
धनबाद-गया इंटरसिटी का पटना तक विस्तार