जोड़ापोखर. धनबाद. माडा के जलापूर्ति विभाग के अधिकारी को छोड़कर शेष सभी कर्मचारी शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। धनबाद में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के आमरण अनशन में पांच कर्मियों की स्थिति खराब होने के बाद जलापूर्ति कर्मी उनके समर्थन में हड़ताल पर चले गए। कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद जामाडोबा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जलापूर्ति ठप हो गई। इसका सीधा असर करीब 10 लाख से भी अधिक लोगों पर सीधा पड़ेगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार वाटर ट्रिटमेंट प्लांट को प्रशिक्षण प्राप्त होमगार्ड के जवान एवं अतिरिक्त कर्मियों को लगाकर जलापूर्ति सुचारु करने का प्रयास किया जाएगा।
छठे वेतनमान को लेकर कर रहे हैं आंदोलन
माडा के जलापूर्ति विभाग के कर्मियों को अनशनकारियों की स्थिति बिगड़ने की सूचना मिली, जिसके बाद सभी हड़ताल पर चले गए। अनशनकारी मांग कर रहे हैं कि जब तक छठे वेतनमान पर माडा प्रबंधन ठोस कार्रवाई नहीं करती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जामाडोबा वाटर ट्रिटमेंट प्लांट से जुड़े कर्मी अपने काम पर नहीं पहुंचे। जलापूर्ति ठप होने की स्थिति में झरिया, बस्ताकोला, घनुडीह, जयरामपुर, लोदना, तिसरा, पाथरडीह, भौंरा, जोड़ापोखर, जामाडोबा सहित अन्य स्थानों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
तीन दिन पहले से ही बंद है झरिया में जलापूर्ति
जामाडोबा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से झरिया को जलापूर्ति करने वाले मेन पाइप बोर्रागढ़ के समीप विगत तीन दिन पूर्व फट गया। इसको लेकर कहा गया था कि पाइप फटा नहीं है, फाड़ दिया गया है। पाइप फटते ही झरिया आसपास में जलापूर्ति ठप हो गई थी। इस कारण घरों में उपभोक्ता पानी जमा नहीं कर सके। शनिवार को हड़ताल पर चले जाने के बाद स्थिति खराब हो गई।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के समर्थन में उतरे अन्य कर्मी
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी छठे वेतनमान को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन तहत 9 सितंबर से धनबाद के माडा कार्यालय के समीप आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। सूचना के अनुसार विभाग ने कोई पहल नहीं की। फलस्वरूप कौशल मिश्रा, फजरूल रहमान, सुभाष राउत, मदन महतो तथा नंदू नामक कर्मी की स्थिति दिन दिन खराब हो गई है।
वेतन नहीं मिलने के विरोध में तोपचांची झील से पानी रोका गया
माडाकर्मियों के वेतन नहीं मिलने के विरोध में शनिवार को तोपचांची में भी माडार्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी है और तोपचांची झील से होने वाले जलापूर्ति को रोक दी है। बता दें कि तोपचांची झील से तिलाटांड़ को रोजाना लाखों गैलन पानी की आपूर्ति की जाती है। शनिवार को हड़ताल के बाद से उक्त आपूर्ति बंद हो गई है, जिससे कोयलांचल में त्राहिमाम मच जाएगा। माडाकर्मियों ने कहा कि हमलोगों ने पानी के पाइप लाइन को बंद कर दिया है।
बता दें कि तोपचांची झील की जलापूर्ति योजना इतनी टेढ़ी है कि उसे सिर्फ यहां के माडाकर्मी की चालू कर सकते हैं।
प्रशिक्षण प्राप्त होमगार्डों को तैनात किया जाएगा
इस संबंध में जामाडोबा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के एसडीओ प्रेम कुमार महतो ने कर्मियों के हड़ताल पर जाने की बात की पुष्टि की है। कहा है कि जिला प्रशासन और वरीय अधिकारियों को सूचना दे द गई है। प्रयास होगा कि प्रशिक्षण प्राप्त होमगार्ड और अन्य कर्मियों को लगाकर उपभोक्ताओं को सुविधा दी जाए।