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अपराध पर नियंत्रण के लिए सीआईडी की सशक्त टीम जरूरी

9 वर्ष पहले
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धनबाद
राज्य के विकास में नक्सली बड़ी बाधा हैं। हमें इसे जड़ से समाप्त करना होगा। ये बातें राज्य के डीजीपी जीएस रथ ने रविवार को धनबाद में कहीं। वे सर्किट हाउस में मीडिया से बात कर रहे थे। डीजीपी एक निजी समारोह में शामिल होने धनबाद आए थे। उन्होंने कहा कि अपने दो वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने नक्सल समस्या से निपटने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया। साथ ही पुलिस को अत्याधुनिक बनने की भी काफी कोशिश की।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बने पुलिस कैंप : डीजीपी ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस कैंप की कमी थी। ऐसे सभी क्षेत्रों में पुलिस कैंप स्थापित करने की कोशिश की गई। पुलिस मुख्यालय ने चाईबासा, लातेहार, खूंटी, पलामू, चतरा, गढ़वा, गिरिडीह जिलों में कैंप स्थापित किए।

सभी राज्यों से अधिक एंटी लैंडमाइंस वैन हमारे पास
झारखंड पुलिस को पहले की अपेक्षा काफी अत्याधुनिक किया गया है। नक्सली अक्सर लैंडमाइंस का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए पुलिस को एंटी लैंडमाइंस वैन उपलब्ध कराए गए।डीजीपी ने बताया कि राज्य पुलिस के पास 90 एंटी लैंडमाइंस वैन हैं। यह संख्या के देश के सभी राज्यों से अधिक है। झारखंड पुलिस अत्याधुनिक हथियारों से लैस है। थानों में गाडिय़ों की कमी भी दूर की गई है। अब हर थाने में जरूरत के मुताबिक पर्याप्त गाडिय़ां हैं।

सीआईडी की सशक्त टीम जरूरी
28 फरवरी को सेवानिवृत्त होने वाले डीजीपी जीएस रथ ने कहा कि सेवानिवृति के बाद इस बात की कसक रहेगी कि उनके कार्यकाल में सीआईडी का पुनर्गठन नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि झारखंड में एक सशक्त सीआईडी टीम का होना जरूरी है। उग्रवादियों के खिलाफ लडऩे वाले जवानों को रिस्क एलाउंस मिलना चाहिए।