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पार्सल बोगी में सेंध लगाने वाले गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार, स्टेशन से दबोचा

7 वर्ष पहले
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जमशेदपुर. मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की पार्सल बोगी (एलएलआर) में सेंधमारी कर माल चुराने वाले गैंग का रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने भंडाफोड़ किया है। आरपीएफ ने गैंग के सरगना समेत छह लोगों को टाटानगर स्टेशन पार्सल साइडिंग से उस वक्त धर दबोचा, जब सभी चोरी के माल से मिली राशि का बंटवारा करने वाले थे। आरपीएफ ने इनके पास से नकद 1.10 लाख रुपए, चश्मा के 45 फ्रेम और माल को रखने के लिए उपयोग किए जाने वाले बड़े एयर बैग जब्त किया।
मामला दर्ज, भेजे गए जेल
टाटानगर आरपीएफ थानेदार दिगंजय शर्मा के बयान पर आरपीयूपीएक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार को अपराधियों को बर्मामाइंस रेलवे मजिस्ट्रेट विशाल श्रीवास्तव की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
हावड़ा के व्यापारी को बेचते थे चोरी का सामान
गैंग का सरगना हावड़ा के व्यापारी से संपर्क में था। वहीं, चोरी का माल बेचा जाता था। माल खरीदने वाले की शिनाख्त हो गई है, जल्द ही घटना से जुड़े अन्य लोग भी जेल के भीतर होंगे।
दो घंटे में की चोरी
गिरफ्तार अपराधियों ने बताया कि बिलासपुर से रायगढ़ के बीच दो घंटे के सफर में घटना को अंजाम दिया गया। अपराधी एक सितंबर की रात बिलासपुर में अहमदबाद-हावड़ा एक्सप्रेस में फ्रंट एसएलआर से सटे जेनरल कोच में चढ़े। ट्रेन खुलने के बाद तीन अपराधी शौचालय में घुसे और प्लाई को खोलकर एसएलआर की चादर फाड़ डाली।
शेष तीन अपराधियों ने शौचालय को जाम रखने का काम किया। साथ ही वे आने-जाने वालों की रेकी कर रहे थे। सेंधमारी के बाद पार्सल बोगी से कार्टून निकालकर बाहर खड़े सदस्यों को पकड़ाया गया, जिसे वे एयर बैग में भर लेते थे। घटना को अंजाम देने के बाद एक सदस्य सामान लेकर रायगढ़ स्टेशन पर उतर गया। शेष पांच साथी टाटानगर पहुंचे, जहां से वे अपने गांव औरंगाबाद, टाटा और वाराणसी चले गए।
तीन साल में कई रूटों में एसएलआर उखाड़े: आरपीएफ के अनुसार, पिछले तीन साल से उक्त गैंग पार्सल बोगी से सामान चोरी करता था। पहले वे किऊल-झाझा, गया-कोडरमा और कुछ माह से बिलासपुर-राउरकेला रूट पर सक्रिय हुए थे।
व्यापारी बनकर करते थे बुकिंग
बकौल शर्मा, गैंग के सदस्य जहां भी ठहरते, खुद को व्यापारी बताते थे। स्टेशन से माल बुकिंग भी व्यापारी बनकर की जाती थी। अहमदाबाद एक्सप्रेस से चोरी किया गया माल दो सितंबर को रायगढ़ से टाटानगर पार्सल किया गया। इसके बाद उक्त माल को स्टील एक्सप्रेस से हावड़ा के लिए बुक किया गया।
कैसे पकड़ाए बदमाश
दिगंजय शर्मा ने बताया कि दो सितंबर को जब अहमदाबाद एक्सप्रेस हावड़ा पहुंची, तो एसएलआर से चश्मे के फ्रेम वाले दर्जन भर कार्टून गायब पाए गए। इनकी कीमत 2.90 लाख थी। माल शॉर्ट होने की छानबीन की गई, तो एसएलआर में सेंधमारी का पता चला। घटना के बाद गैंग के बारे में गुप्तचरों से कुछ भनक लगी। इसके बाद छानबीन शुरू की गई। जुगसलाई के होटलों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया, तो सदस्यों की सूचना मिली। इसके बाद अहमदाबाद एक्सप्रेस रूट के सभी स्टेशनों को इन की तस्वीर भेजी गई। जांच में रायगढ़ स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में अपराधी देखे गए। इसके बाद रायगढ़ और टाटानगर के पार्सल एजेंटों से पूछताछ की गई। फिर रणनीति बनाई गई।
(पत्रकारों को जानकारी देते दिगंजय शर्मा ।)