मनुष्य का पाप ही उसे मारता है : दास
जमशेदपुर। भक्तोंका दु:ख भगवान नहीं सह पाते हैं। ईश्वर तो किसी को नहीं मारते, मनुष्य को उसका पाप ही मारता है। इसलिए मनुष्य को हमेशा पाप और ईश्वर से डरना चाहिए। पाप कर्म को ईश्वर देखते हैं और असत्य होने पर दंडित करते हैं। यह बातें मंगलवार को वृंदावन से आए सीताराम दास ने कहीं। वे भालूबासा शीलता मंदिर में आयोजित श्रीमदभागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं को प्रवचन दे रहे थे। सीताराम दास ने कहा कि सभी जीव संसार रूपी कारागृह में बंदी हैं, जो निरावृत ब्रह्म का साक्षात्कार पाता है, उसे मुक्ति मिलती है। वहीं, जो भक्त विचार, वाणी, व्यवहार सदाचार से दूसरों को आनंद देता है, उसी के घर भगवान पधारते हैं।