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हेमंत की मांद में मोदी की सभा

7 वर्ष पहले
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प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी चुनाव के अंतिम और पांचवें चरण में 15 दिसंबर को संथाल परगना में दो चुनावी सभाएं करेंगे। ऐसा दूसरी बार होगा। इससे पहले उन्होंने 29 नवंबर को रांची और जमशेदपुर में दो चुनावी सभाओं को संबोधित किया था, नहीं तो मोदी ने एक दिन में एक ही चुनावी सभा की। 15 दिसंबर को मोदी की सभा के स्थान से एक साथ कई संदेश निकल रहे हैं। सभा दुमका और बरहेट में होनी है। दोनों स्थानों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रतिष्ठापूर्ण लड़ाई लड़ रहे हैं।

इतिहास देखें तो नमो उनसे सीधे टकराते रहे हैं, जिनसे उन्हें चुनौती मिलने की संभावना दिखती है। लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने ऐसा ही किया। मोदी अमेठी गए थे। वहां से राहुल गांधी चुनाव लड़ रहे थे। दुमका और बरहेट में भी मोदी अमेठी की राह पर ही दिख रहे हैं। प्रदेश के चुनाव में भाजपा का चेहरा मोदी ही हैं तो झामुमो का हेमंत। दोनों पार्टियां सत्ता की सीधी दावेदारी के लिए ताल ठोंक रही हैं। दो-दो चुनावी सभाओं से संकेत साफ है कि भाजपा पांचवें चरण के चुनाव को महत्वपूर्ण मान रही है। पार्टी का मानना है कि संथाल में झामुमो को उसकी मांद में घुस कर ललकारना जरूरी है। लेकिन यह रणनीति पार्टी के लिए और खास कर मोदी के लिए चुनौती भी है। भाजपा के भी कुछ नेताओं का मानना है कि संथाल में झामुमो मजबूत है। दुमका और बरहेट की विधानसभा सीट झामुमो के लिए उर्वर रही है। अगर यहां मोदी की सभा के बाद हेमंत को चोट मिली तो श्रेय मोदी को जाएगा। और, अगर हेमंत दोनों ही सीटों पर अपना पताका फहराने में सफल रहे तो उनका कद बढ़ेगा। वैसे, दुमका और बरहेट की सभा के बहाने संथाल परगना में झामुमो की ताकत इन दो सीटों तक समेटना भी भाजपा की रणनीति का खास हिस्सा हो सकता है।

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