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घर आने की बात कही थी, पर कफन में लिपटा आया हर्षित

7 वर्ष पहले
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जुगसलाईके छपरिया मोहल्ला निवासी सह शंकर बर्फ फैक्ट्री के संचालक मनोहर गुप्ता के छोटे पुत्र हर्षित गुप्ता ने परिजनों से फोन कर बुधवार को ही घर आने की बात कही थी। उसने कहा था कि मंगलवार को आखिरी पेपर की परीक्षा के बाद बुधवार को कॉलेज में छ़ुट्टी हो जाएगी और वह घर जाएगा। लेकिन, होनी को यह मंजूर नहीं था और बुधवार को हर्षित कफन में लिपटा घर आया।

दोपहर12 बजे आया शव

हर्षितका शव बुधवार दोपहर लगभग 12 बजे टीएमएच के शीतगृह से जुगसलाई स्थित घर लाया गया। घर पर हर्षित के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हर्षित का शव आने की सूचना मिलने पर पड़ोसी रिश्तेदार भी जुट गए थे। सबकी आंखें नम थीं। हर कोई इस घटना को अब तक सत्य नहीं मान रहा था। हर्षित की मां के आंखों से आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे। उसकी छोटी बहन मोनिका का भी यही हाल था। रिश्तेदार मोनिका को अपनी मां को संभालने को कह रहे थे, परंतु अपने बेटे का शव देख मां किसी की नहीं सुन रही थी। लगभग आधा घंटा तक विधि-विधान के उपरांत हर्षित का शव पार्वती घाट ले जाया गया, जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया।

पिताके काम में करता था सहयोग

पड़ोसियोंने बताया कि हर्षित जब भी छुट्टी में अपने घर आता था, अपने पिता के कारोबार में मदद करता था। वह काफी हसमुख था। हर्षित का बड़ा भाई मोहित भी पिता के साथ व्यापार में हाथ बंटाता है।

मालूम हो कि सोमवार को भुवनेश्वर में सड़क हादसे में साकची चेनाब रोड निवासी अंकित शुक्ला उसके दोस्त हर्षित की मौत हो गई थी। दोनों ही इंजीनियरिंग के थर्ड ईयर के छात्र थे। मंगलवार रात दोनों का शव शहर लाया गया और टीएमएच के शीतगृह में रखा गया। बुधवार की सुबह अंकित का शव लेकर परिजन इलाहाबाद के लिए रवाना हो गए।

{ पार्वती घाट पर हुआ हर्षित का अंतिम संस्कार, अिमत शुक्ला का शव लेकर परिजन इलाहाबाद रवाना

साकची के चेनाब रोड स्थित अंकित के घर में पसरा रहा सन्नाटा।