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मजदूरों ने किया कैंटीन के खाने का बहिष्कार
भास्कर न्यूज | जमशेदपुर/जादूगोड़ा
यूसीलनरवा पहाड़ की कैंटीन में खाने की गुणवत्ता खराब मिलने मात्रा कम होने के कारण गुरुवार को नरवा पहाड़ के लगभग 50 मजदूरों ने कैंटीन के समक्ष जमकर हंगामा किया। मजदूरों ने कैंटीन के खाने का बहिष्कार करके खान के मुख्य द्वारा पर आंदोलन शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही उप प्रबंधक(कार्मिक) डी हांसदा, पीके पानीग्रह, रोशन लाल और फाल्गु सरकार ने मजदूरों के साथ वार्ता की और एक सप्ताह के अंदर खाने की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार करने का आश्वासन दिया। तब जाकर मजदूरों ने अपना आंदोलन वापस लिया।
क्या है मामला
यूसील नरवा पहाड़ के कुछ मजदूर गुरुवार दोपहर लगभग 3 बजे खाना खाने के लिए कैंटीन गए थे। वहां भात (चावल) ज्यादा पका हुआ था। साथ ही भात की मात्रा भी कम दी गई थी। इसके अलावा कुछ मजदूरों को कूपन देने बाद भी खाना के लिए इंतजार करना पड़ा। संचालक द्वारा बताया गया कि खाना खत्म हो गया है। चावल चढ़ा दिया गया है, कुछ देर इंतजार करें। मजदूरों को कुछ देर इंतजार करने के बाद जाे भात दिया गया वह ठीक से पका नहीं था। इससे मजदूरों ने आक्रोशित होकर कैंटीन के खाने का बहिष्कार कर दिया और हंगामा शुरू कर दिया। साथ ही बाहर कंपनी के मुख्य द्वार के समक्ष धरने पर बैठ गए।
^नरवा पहाड़ की कैंटीन में खाने की गुणवत्ता और मात्रा को लेकर मजदूरों द्वारा हंगामा किया गया था। मजदूरों के साथ इस संबंध में वार्ता की गई है और उनकी मांग को ध्यान में रखकर कैंटीन के संचालक को आदेश दे दिया गया है। ^डीहांसदा, उपप्रबंधक कार्मिक, यूसील नरवा पहाड़