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जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज की प्रभारी प्रिंसिपल को शोकाॅज
जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज में ट्रांसफाॅर्मर लगाने सभी विभाग और क्वार्टर में बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी का मामला प्रकाश में आया है। इसके बाद केयू प्रशासन ने कॉलेज की प्रभारी प्रिंसिपल डॉ. सुमिता मुखर्जी को शोकाॅज जारी कर जवाब मांगा है। केयू की ओर से 22 नवंबर को शोकाॅज जारी कर एक दिसंबर तक जवाब देने को कहा गया था, लेकिन 13 दिसंबर तक प्रभारी प्रिंसिपल ने जवाब नहीं दिया है।
केयू की ओर से जारी शोकाॅज में कहा गया है कि कॉलेज प्रशासन की ओर से टेंडर जारी करने से पहले अधिकृत अधिकारी से प्रशासनिक मंजूरी लेना अनिवार्य है। साथ ही तीन स्थानीय प्रमुख अखबार में टेंडर छपवाना है। जबकि, कॉलेज प्रशासन की ओर से सिर्फ एक ही स्थानीय पेपर में टेंडर विज्ञापन दिया गया।
एक दिसंबर तक देना था जवाब
^वीमेंसकाॅलेज की प्रभारी प्रिंसिपल को 22 नवंबर को शोकाॅज जारी किया गया था और एक दिसंबर तक जवाब देने को कहा गया था। लेकिन, मेरी जानकारी में अभी तक कोई जवाब कॉलेज से प्राप्त नहीं हुआ है। कॉलेज में ट्रांसफाॅर्मर लगाने और विद्युत आपूर्ति के लिए टेंडर निकाला गया था, जिसमें गड़बड़ी मिली थी। इसके आलोक में शोकाॅज किया गया है।^एससी दास,रजिस्ट्रार,केयू
^हमें कोई शोकाॅज नहीं मिला है। आपको जहां से सूचना मिली है, उसी से पूछें कि किस मामले में शोकाॅज जारी किया गया है। ^डॉ. सुमितामुखर्जी, प्रभारीप्रिंसिपल, जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज
सात मार्च को निकला था विज्ञापन
विज्ञापन का प्रकाशन सात मार्च, 2013 को हुआ, जबकि बिहार इलेक्ट्रिकल कंस्ट्रक्शन से 25 जून, 2013 21 फरवरी, 2014 को कोटेशन लिया गया। डीएन इलेक्ट्रिकल्स की ओर से 27 दिसंबर, 2013 को, दुर्गा इलेक्ट्रिकल्स की ओर से 1 जुलाई, 2013 को कोटेशन लिया गया। इसपर भी केयू प्रशासन की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई है।
केयू की ओर से जारी शोकाॅज में प्रभारी प्रिंसिपल से आठ बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है, जिसमें प्रशासनिक मंजूरी की प्रति, तीन स्थानीय अखबार में छपे टेंडर नोटिस की प्रति, कार्य से पूर्व जनरल बाॅडी मीटिंग, बिल्डिंग कमेटी फायनेंस कमेटी में लिए गए निर्णय की प्रति मांगी गई है, जिसमें सबसे उच्च दर देेने वाले को टेंडर दिया गया है। केयू के रजिस्ट्रार एससी दास की ओर से यह शोकाॅज 22 नवंबर को जारी किया गया है।