गिरजाघरों में क्रिसमस की तैयारी शुरू
25दिसंबर नजदीक आते ही शहर के गिरजाघरों में क्रिसमस की तैयारी शुरू हो गई है। शहर में कई गिरजाघर काफी पुराने हैं। क्रिसमस पर यहां खास तैयारी की जाती है। कई गिरजाघरों में एक माह से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
सेंटजोसेफ चर्च, गोलमुरी
सेंटजोसेफ चर्च की स्थापना वर्ष 1957 में हुई थी। इस चर्च की खासियत यह है कि यह शहर के बीचों बीच स्थित है और संत जोसेफ चर्च को महागिरजाघर के नाम से जाना जाता है। इसमें जमशेदपुर डायसिस के बिशप बैठते हैं। रोजाना की अराधना के अलावा मंगलवार, बुधवार और शनिवार को यहां विशेष मिस्सा बलिदान होता है।
^प्रभु यीशु दुनिया में मनुष्य जाति को पापों से छुटकारा दिलाने के लिए आए। उन्होंने समस्त जगत का उद्धार किया। क्रिसमस शांति, आनंद भाईचारे का संदेश देता है। हमें प्रभु के बताए मार्ग पर चलना चाहिए और उनके उपदेशों का अनुसरण करना चाहिए। समस्या आने पर प्रभु की आराधना करने से छुटकारा मिलता है।^ रेव्ह.एमके चरण, पास्टर
^प्रभु यीशु दुनिया के मुक्तिदाता और शांति के राजकुमार हैं। वे हम सबके दिलों में जन्म लेने वाले हैं। जो प्रभु यीशु को अपने जीवन में जगह देने की तैयारी कर चुके हैं, ईश्वर उनके जीवन को अपनी आशीष के साथ खुशियों से भर देंगे, ऐसा हमारा विश्वास है।^ फादरकामिल हेंब्रम, पल्लीपुरोहित, गोलमुरी चर्च
गोलमुरी सेंट जोसेफ चर्च