चेहल्लुम कल, कुरान ख्वानी की होगी रस्म
भाईचारा और अमन के साथ त्योहार मनाने की अपील
हजरतइमाम हुसैन की शहादत (मुहर्रम) का 40वां (चेहल्लुम शरीफ) 14 दिसंबर को है। यह जानकारी मदरसा फैजुल उलूम के हाजी मौलाना मोहम्मद मुख्तार ने शुक्रवार को दी। मालूम हो कि चेहल्लुम के मौके पर मुस्लिम कुरान ख्वानी और इसाल-ए-सवाब के लिए फातेहा ख्वानी आदि की रस्म अदा करते हैं। मुहर्रम कमेटियां और लंगर कमेटियां भी कुरान ख्वानी, फातेहा ख्वानी और लंगर का आयोजन करती हैं। हाजी मुख्तार के अनुसार, मदरसा फैजुल उलूम के नायब मुफ्ती (उप मुफ्ती) मो सलाउद्दीन निजामी ने लोगों से कार्यक्रम सादगी से करने की अपील की है।
उन्होंने कहा है कि लोगों में यह प्रचलित है कि शहादत के चालीस दिन बाद ही कुरान ख्वानी और इसाल-ए- सवाब की जाए, लेकिन इस की कोई शरई हैसियत नहीं है। यह काम कभी भी किया जा सकता है। ठीक इसी तरह किसी व्यक्ति के इंतकाल पर भी 40 दिन पूरा होने पर ही कुरान ख्वानी और इसाल-ए-सवाब के लिए फातहा कराई जाए, जरूरी नहीं है। इसाल-ए- सवाब कभी भी किया जा सकता है। हाजी मौलाना मोहम्मद मुख्तार ने कहा कि कुरान ख्वानी, फातेहा ख्वानी और सदका खैरात करना ये सभी पवित्र कार्य हैं। उन्होंने लोगों से चहल्लुम शरीफ आपसी भाईचारा और अमन से मनाने की गुजारिश करते हुए कहा कि पर्व मनाने में गैर शरई कार्य और खुराफात से बचें।